देश की खबरें | शोपियां 'फर्जी' मुठभेड: सेना ने ‘समरी ऑफ एविडेंस’ की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद जतायी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सेना ने शनिवार को उम्मीद जतायी कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपुरा में जुलाई में हुई मुठभेड़ के मामले में ‘समरी ऑफ एविडेंस’ की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी, जिसके बाद मामले की जांच अगले चरण में पहुंच जाएगी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

श्रीनगर, 10 अक्टूबर सेना ने शनिवार को उम्मीद जतायी कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपुरा में जुलाई में हुई मुठभेड़ के मामले में ‘समरी ऑफ एविडेंस’ की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी, जिसके बाद मामले की जांच अगले चरण में पहुंच जाएगी।

सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने कहा कि सेना ने 18 जुलाई को अमशीपुरा में हुई मुठभेड़ के दौरान कुछ गलतियां पाए जाने के बाद ‘समरी ऑफ एविडेंस’ की प्रक्रिया शुरू की थी। सेना का दावा है कि उस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे।

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समरी ऑफ एविडेंस दरअसल संभावित कोर्ट मार्शल से पहले की एक प्रक्रिया है। इसमें संबंधित सैन्य कर्मियों के खिलाफ कानूनी प्रावधान के तहत सभी जानकारी को फिर से परखा जाता है। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य या किसी अन्य सबूत को रिकॉर्ड पर लिया जा सकता है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, ''हम (मामले में) पहले ही बुनियादी जानकारी साझा कर चुके हैं कि शुरुआती पूछताछ पूरी की जा चुकी है। उसके आधार पर हमने समरी ऑफ एविडेंस का आदेश दिया था, जिसकी प्रक्रिया अभी चल रही है और हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही पूरी हो जाएगी, जिसके बाद हम जांच के अगले चरण का रुख करेंगे। ''

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उन्होंने यहां शहर के बाहरी इलाके रंगरेथ में जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री रेजिमेंटल सेंटर में केन्द्र शासित प्रदेश के 301 युवाओं की की पासिंग आउट परेड के इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

गौरतलब है सोशल मीडिया पर खबरें आई थीं कि जम्मू के राजौरी जिले के तीन व्यक्ति अमशीपुरा में लापता हो गए हैं, जिसके बाद सेना ने इस मामले में जांच शुरू की थी। रिकॉर्ड चार सप्ताह में जांच पूरी कर समरी ऑफ एविडेंस की प्रक्रिया शुरू की गई।

शोपियां में मजदूरी करने वाले राजौरी के उन तीन व्यक्तियों के परिवार ने भी पुलिस में शिकायत दी थी।

पुलिस ने भी मामले की जांच की थी और 30 सितंबर को कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा था कि मृतकों के डीएनए के नमूनों का उनके परिवारों से मिलान हो गया है।

तीनों के शवों को तीन अक्टूबर को कब्रों से बाहर निकालकर उनके परिवारों को सौंप दिया गया था।

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