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Asaram Bapu: आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वयंभू बाबा आसाराम बापू की मेडिकल ग्राउंड पर सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

Asaram Bapu: आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज
Credit-Wikimedia Commons

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वयंभू बाबा आसाराम बापू की मेडिकल ग्राउंड पर सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में 2018 में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा पोक्सो अधिनियम और अन्य अपराधों के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद आसाराम जोधपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सजा निलंबित करने की याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को पुलिस हिरासत के तहत महाराष्ट्र के खोपोली में माधवबाग हार्ट अस्पताल में इलाज कराने की मांग के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष नया आवेदन दायर करने की अनुमति दी. पीठ में न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता भी शामिल थे.

अदालत ने कहा कि आसाराम के आवेदन पर उच्च न्यायालय कानून के अनुसार विचार करेगा.

इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने आसाराम द्वारा अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील के शीघ्र निपटान पर जोर दिया.  यह भी पढ़े :Bangladesh Dhaka Building Fire: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 6 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 44 लोगों की मौत 22 बुरी तरह घायल- VIDEO

राजस्थान उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी को आसाराम द्वारा दायर सजा को निलंबित करने या जमानत की मांग वाले चौथे आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि अगर उसे अपनी पसंद का चिकित्सा उपचार प्राप्त करने की अनुमति दी गई तो कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

शीर्ष अदालत के समक्ष दायर विशेष अनुमति याचिका में 6 फरवरी को एम्स, जोधपुर द्वारा तैयार की गई डिस्चार्ज रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया था कि याचिकाकर्ता को छोटी आंत की गतिविधियों के मूल्यांकन के लिए हृदय बाईपास सर्जरी और पूर्व एंटरोस्कोपी की आवश्यकता है.

वकील राजेश गुलाब इनामदार के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, “याचिकाकर्ता को 21 फरवरी 2024 की आधी रात को सीने में फिर से तेज दर्द हुआ और उसे एम्स, जोधपुर ले जाया गया. उल्लेखनीय है कि चार महीने में यह तीसरा मामला है जब याचिकाकर्ता को सीने में तेज दर्द के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल ले जाया गया है. पिछले दोनों मौकों पर एम्स ने सीने में दर्द को दिल का दौरा पड़ने का संकेत बताया था.''

 

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 01, 2024 06:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).