देश की खबरें | शिवशंकर ने बीमारी का बहाना बनाया: सीमाशुल्क विभाग ने अदालत से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सोना तस्करी मामले की जांच कर रहे सीमा शुल्क विभाग ने केरल उच्च न्यायालय में मंगलवार को आरोप लगाया कि निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर ने बीमारी का बहाना बनाया और अस्पताल में भर्ती हुए, ताकि उन्हें एजेंसी के प्रश्नों का उत्तर नहीं देना पड़े।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोच्चि, 20 अक्टूबर सोना तस्करी मामले की जांच कर रहे सीमा शुल्क विभाग ने केरल उच्च न्यायालय में मंगलवार को आरोप लगाया कि निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर ने बीमारी का बहाना बनाया और अस्पताल में भर्ती हुए, ताकि उन्हें एजेंसी के प्रश्नों का उत्तर नहीं देना पड़े।

सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय ने शिवशंकर की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए एक आवेदन में यह बात कही। इससे एक दिन पहले उच्च न्यायालय ने विभाग से कहा था कि वह 23 अक्टूबर तक शिवशंकर को गिरफ्तार नहीं करे।

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अदालत ने एजेंसी को आदेश दिया था कि वह मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना जवाब 23 अक्टूबर तक दााखिल करे।

गौरतलब है कि सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी गत शुक्रवार को शिवशंकर को पेशी का नोटिस देने उनके घर गए थे। शिवशंकर को उसी दिन शाम छह बजे पेश होना था लेकिन उससे पहले उन्होंने बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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शिवशंकर को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। निलंबित अधिकारी को जिस निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, उसने उन्हें दिल का दौरा पड़ने की बात से इनकार किया है। हालांकि अस्पताल ने कहा है कि रीढ़ की हड्डी के एमआरआई में पता चला है कि उसके कुछ हिस्सों में दिक्कतें थीं।

सीमा शुल्क ने अदालत में अपने आवेदन में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शिवशंकर ने अपनी बीमारी का बहाना बनाकर उसमें स्वयं को भर्ती कराने और एजेंसी के सवालों का जवाब देने से बचने के लिए सभी प्रबंध किए हुए थे। इसी अस्पताल में उनकी पत्नी काम करती हैं।

विभाग ने कहा, ‘‘चिकित्सकीय राय दी गई थी कि उनकी पीठ का दर्द दर्दनिवारक दवाइयों से ठीक हो सकता है। ऐसे में, उनकी बीमारी ढोंग साबित होती है। इसके बावजूद उनका सीमा शुल्क पर शुक्रवार शाम का समय तय करने का आरोप लगाना, हैरान करने वाली बात है।’’

सीमा शुल्क विभाग ने अदालत से शिवशंकर की याचिका खारिज करने की अपील करते हुए उच्च न्यायालय के इस आदेश का जिक्र किया कि सीमा शुल्क कानून की धारा 108 के तहत नोटिस मिलने पर व्यक्ति अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर नहीं कर सकता।

विभाग ने कहा कि जमानत याचिका, खासकर आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 438 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है।

शिवशंकर ने अपनी याचिका में कहा था कि सीमा शुल्क अधिकारी उन्हें अपने साथ ले गए थे, तभी उनके सीने में दर्द होने लगा, जिसके बाद अधिकारी उन्हें अपनी कार में नजदीकी अस्पताल ले गए।

उन्होंने कहा था कि वह कई दिनों से पूछताछ के लिये बार-बार तिरुवनंतपुरम से कोच्चि का सफर करके थक गए थे।

शिवशंकर ने कहा था कि 90 घंटे से अधिक समय तक विभिन्न एजेंसी द्वारा लंबी पूछताछ के बाद भी किसी एजेंसी ने उन्हें आरोपी नहीं बताया है।

शिवशंकर ने अग्रिम जमानत की अपील करते हुए कहा कि वह अब तक सभी निर्देशों का पालन करते आए हैं और उनके फरार होने की भी कोई गुंजाइश नहीं है।

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