मुंबई, 26 जुलाई शिवसेना के एक नेता ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट के 14 विधायकों को पद से अयोग्य घोषित न करने के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
शिवसेना नेता भरतशेत गोगावले ने बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर और न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की खंडपीठ के समक्ष जनवरी में दायर अपनी याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
पीठ ने मामले की सुनवाई छह अगस्त के लिए तय की है।
शिंदे नीत शिवसेना के मुख्य सचेतक गोगावले ने 12 जनवरी को याचिकाएं दायर कर नार्वेकर द्वारा पारित 10 जनवरी के उस आदेश की वैधता को चुनौती दी, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के 14 विधायकों को पद से अयोग्य ठहराए जाने की उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
उन्होंने उच्च न्यायालय से विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को रद्द करने और 14 विधायकों को पद से अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया।
याचिकाओं में गोगावले ने कहा कि तीन जुलाई 2022 को उन्होंने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए सभी शिवसेना सदस्यों को व्हिप जारी किया था। हालांकि, 14 विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया और स्वेच्छा से शिवसेना की सदस्यता भी छोड़ दी।
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