इंफाल/चुराचांदपुर, 30 मई कुकी नागरिक संस्थाओं के नेताओं से बातचीत के लिये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में इस महीने की शुरुआत में हुई जातीय हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित चुराचांदपुर का मंगलवार को दौरा किया।
आईबी प्रमुख और गृह सचिव के साथ हेलीकॉप्टर से उड़ान भरने वाले शाह चर्च के पदाधिकारियों के साथ-साथ कुकी समुदाय के बुद्धिजीवियों से भी मिल रहे हैं, ताकि उनकी शिकायतों को समझा जा सके और पूर्वोत्तर राज्य में शांति लाने के तरीके खोजे जा सकें। राज्य में हाल में मेइती और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इससे पहले दिन में सरकार ने घोषणा की कि वह मणिपुर में जातीय संघर्ष के दौरान मरने वालों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
दंगे में मारे गए व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि मुआवजे की राशि केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर वहन करेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के बीच सोमवार रात को हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।
मणिपुर करीब एक महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित है और राज्य में इस दौरान झड़पों में इजाफा देखा गया है। कुछ सप्ताह की खामोशी के बाद रविवार को सुरक्षा बलों एवं उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई।
अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
इस बैठक में यह सुनिश्चित करने का भी फैसला किया गया कि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोल, एलपीजी गैस, चावल और अन्य खाद्य सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुएं अधिक मात्रा में उपलब्ध कराई जाएंगी।
गृह मंत्री शाह सोमवार रात को विमान से इंफाल पहुंचे और उनके साथ गृह सचिव अजय कुमार भल्ला तथा खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका भी थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY