देश की खबरें | लैंगिक समानता केवल कागजों पर है, परिवारों में इसे अपनाया जाना चाहिए: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई, आठ मार्च महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि लैंगिक समानता फिलहाल केवल कागजों पर है और परिवारों में इसे आत्मसात किए जाने की आवश्यकता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेटी के पिता तौर पर वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां भगवान का आशीर्वाद हैं और यह वरदान पाकर वह स्वयं को भाग्यशाली महसूस करते हैं।

फडणवीस ने कहा, ‘‘लैंगिक समानता एक ऐसा मूल्य है जिसे बचपन से ही सिखाया जाना चाहिए कि लड़कियां और लड़के दोनों ही विशिष्ट हैं जिनके साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। लैंगिक समानता केवल कागजों पर है और इसे परिवारों में आत्मसात करने की आवश्यकता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसे लेकर कभी भी समाज या परिवार से दबाव महसूस नहीं हुआ कि उनकी केवल एक बेटी है।

अपनी पत्नी को एक स्वतंत्र शख्सियत बताते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘मैं उनके सभी विचारों और कार्यों से सहमत नहीं हो सकता, लेकिन एक स्वतंत्र शख्सियत के रूप में वह स्वतंत्र हैं। उन्हें अकसर ट्रोल किया जाता है और स्वतंत्र होने की कीमत चुकानी पड़ती है।’’

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि दसवीं की परीक्षा दे रही उनकी बेटी वकील बनने की इच्छा रखती है। उन्होंने अपनी विरासत के बारे में पूछे गए सवाल पर मजाकिया लहजे में कहा, ‘‘मैं अपने परिवार का आखिरी राजनीतिक नेता हो सकता हूं।’’

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