शराब छोड़ने के बाद के गंभीर लक्षणों से पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है: केंद्र
अपने परामर्श में मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद रहना उन लोगों के लिए छिपा हुआ एक वरदान है जो मद्यपान को पूरी तरह छोड़ने के मौके के लिए इस मौके का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान शराब छोड़ने के बाद के गंभीर लक्षणों से पीड़ित व्यक्तियों को तत्काल भर्ती करने और उनका उपचार करने का परामर्श जारी किया है।
अपने परामर्श में मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद रहना उन लोगों के लिए छिपा हुआ एक वरदान है जो मद्यपान को पूरी तरह छोड़ने के मौके के लिए इस मौके का इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह परामर्श अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के राष्ट्रीय मादक पदार्थ निर्भरता उपचार केंद्र के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
लेकिन यह अल्कोहल निर्भरता वाले कुछ व्यक्तियों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है और उन पर शराब छोड़ने के बाद के गंभीर असर हो सकता है।
ऐसे लोगों पर उद्वेग, बेचैनी, शरीर में थरथराहट, भ्रम , होश-हवास बाधित हो जाना, अपने आसपास की समझ बिगड़ जाना, मतिभ्रम आदि मनोवैज्ञानिक प्रभाव हो सकते हैं।
परामर्श के अनुसार ऐसे गंभीर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय देखभाल और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 11:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

