विदेश की खबरें | ‘ऑर्थोडॉक्स ईस्टर’ के अवसर पर कई यूक्रेनी युद्धबंदियों को रिहा किया गया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सुरक्षा कारणों के कारण उत्सव फीका रहा और कर्फ्यू लगने के कारण पारंपरिक रात की प्रार्थना प्रभावित हुई। यूक्रेन के अधिकारियों और आम लोगों ने यीशू के पुनर्जन्म की कहानी से जोड़कर उम्मीद, शांति और यूक्रेन की जीत के संदेश साझा किए।

दर्जनों परिवारों के पास खुश होने का विशेष कारण था, क्योंकि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सलाहकार एंड्री यरमक ने घोषणा की कि रूस द्वारा कब्जा किए गए 130 सैनिक, नाविक, सीमा रक्षक और अन्य लोग ‘‘बड़े पैमाने पर ईस्टर कैदियों की अदला-बदली’’ के बाद घर वापस आ रहे हैं।

यरमक ने रविवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ‘टेलीग्राम’ पर किए एक पोस्ट में कहा कि रिहा किए गए सैनिकों में पूर्वी खनन शहर बखमुत के पास लड़ने वाले सैनिक भी शामिल हैं। बखमुत महीनों से रूस के आक्रामक हमले का केंद्र रहा है।

यरमक ने कहा, ‘‘हमारे लिए यूक्रेन वासियों का जीवन अत्यंत मूल्यवान है। यूक्रेन का लक्ष्य शेष सभी युद्धबंदियों को वापस लाना है।’’

हालांकि, इस बात की तल्काल कोई सूचना नहीं है कि कितने रूसी युद्धबंदियों को रिहा किया गया है।

एपी

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