देश की खबरें | पंजाब के फिरोजपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ की कई चौकियां बाढ़ के पानी में डूबीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बीएसएफ की कई चौकियां और कंटीले तारों की बाड़ सतलुज के जलस्तर में वृद्धि के कारण जलमग्न हो गई हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने रविवार को दी।
फिरोजपुर (पंजाब), 20 अगस्त पंजाब के फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बीएसएफ की कई चौकियां और कंटीले तारों की बाड़ सतलुज के जलस्तर में वृद्धि के कारण जलमग्न हो गई हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने रविवार को दी।
अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
फिरोजपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के कई गांवों को सतलुज में आयी बाढ़ का खामियाजा भुगतना पड़ा है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
अधिकारी के मुताबिक, ‘‘तमाम चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, हमारे जवान 24 घंटे निगरानी बनाए हुए हैं। वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘संभावित शत्रुओं को स्थिति का फायदा उठाने से रोकने के लिए मोटरबोट की मदद से निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि बीएसएफ चौकियां जलमग्न हो गई हैं, लेकिन कर्मी बिना किसी रुकावट के अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि सीमा पर स्थित बीएसएफ की चौकियां पांच से छह फुट पानी में डूब गई हैं।
पोंग और भाखड़ा बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद पंजाब के गुरदासपुर, होशियारपुर, तरनतारन, कपूरथला, रूपनगर, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों के 150 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
चौदह अगस्त को दो जलाशयों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद, ब्यास और सतलुज नदी के पानी से निचले इलाकों और नदी के किनारे के स्थानों में बाढ़ आ गई।
अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना और बीएसएफ के कर्मी राहत कार्यों में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर में 2,500 से अधिक ग्रामीणों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अभियान के लिए 24 नौकाएं लगायी गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को हरिके हेडवर्क्स से 2.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि हुसैनीवाला हेडवर्क्स से 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
रेड क्रॉस और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की मदद से फिरोजपुर जिला प्रशासन प्रभावित ग्रामीणों को भोजन परोस रहा है।
उपायुक्त राजेश धीमान ने कहा कि ग्रामीणों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के 34 विद्यालयों को 26 अगस्त तक बंद करने का भी आदेश दिया है।
पिछले महीने बाढ़ का कहर देखने के बाद, पंजाब को पोंग और भाखड़ा बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद फिर से बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब के कई हिस्से 9 से 11 जुलाई के बीच राज्य में भारी बारिश से प्रभावित हुए, जिससे खेतों और अन्य क्षेत्रों के बड़े हिस्से में पानी भर गया, इसके अलावा दैनिक जीवन भी प्रभावित हुआ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)