देश की खबरें | केरल में आईएसआईएस से प्रेरित आतंकवादी को सात साल की जेल

नयी दिल्ली, 10 जनवरी केरल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने भारत में विदेशियों समेत विभिन्न लोगों पर हमलों की योजना बनाने के लिए आईएसआईएस से प्रेरित एक आतंकवादी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोझिकोड के रहने वाले मुहम्मद पोलाकन्नी इस मामले में दोषी ठहराया गया नौवां आरोपी है। एनआईए ने एक अक्टूबर, 2016 को स्वत: संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया था।

अदालत ने दोषी पर जुर्माना भी लगाया है।

अधिकारी ने कहा कि मामला 2016 की शुरुआत में दक्षिण भारत के कुछ युवकों द्वारा वैश्विक आतंकवादी समूह आईएसआईएस से प्रेरित आतंकवादी मॉड्यूल 'अंसारुल खिलाफा-केएल' के गठन से संबंधित है। समूह का मकसद आईएसआईएस के मंसूबों को आगे बढ़ाना था।

प्रवक्ता ने कहा, “कन्नूर जिले के कनकमला में रहने वाले आरोपी व्यक्ति केरल और तमिलनाडु में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की तैयारी के लिए इकट्ठा हुए थे। उनका मकसद न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं सहित प्रमुख व्यक्तियों और उन पर्यटन स्थलों को निशाना बनाना था, जहां विशेष रूप से यहूदी इकट्ठा होते हैं।”

अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की जांच से पता चला है कि विदेश में रहते हुए पोलाकन्नी आईएसआईएस से प्रेरित आतंकवादी मॉड्यूल का सदस्य बन गया था और दक्षिण भारत में आतंकवादी हमले करने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से साजिश रच रहा था।

प्रवक्ता ने कहा कि उसने आईएसआईएस में शामिल होने की योजना बनाई थी, जिसे सीरिया में “दाएश” या इस्लामिक स्टेट के रूप में भी जाना जाता है। इसके लिए उसने वर्ष 2018 की शुरुआत में सऊदी अरब से जॉर्जिया की यात्रा की थी।

अधिकारी ने कहा कि उसने सीरिया पहुंचने और आईएसआईएस में शामिल होने के लिए जॉर्जिया-तुर्की सीमा पार करने की योजना बनाई थी।

प्रवक्ता ने कहा कि पोलाकन्नी को 18 सितंबर, 2020 को जॉर्जिया से आने पर दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। उसे भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया था।

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