देश की खबरें | राजस्थान में मकान ढहने से सात लोगो की मौत, 67 लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में लगातार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी है और इससे संबंधित हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी । प्रदेश में 100 से अधिक गांवों से सड़क सम्पर्क टूट गया है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी ।
जयपुर, चार अगस्त राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में लगातार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी है और इससे संबंधित हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी । प्रदेश में 100 से अधिक गांवों से सड़क सम्पर्क टूट गया है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी ।
अधिकारी ने बताया कि बारिश जनित हादसे में बूंदी के केशोरायपाटन में दीवार गिरने से मकान ढहने पर हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि करोली जिले में चंबल नदी के निचले इलाके में फंसे 67 लोगों को एसडीआरएफ की टीमों ने बचाया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि कोटा और बारां जिलों में भी बचाव अभियान चलाया गया और कई अन्य लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया जबकि टोंक में मंगलवार को पानी के तेज बहाव में बह गए एक व्यक्ति का शव बुधवार को पाया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा कोटा मण्डल के कोटा-सवाईमाधोपुर रेलखण्ड के मध्य बारिश से रेललाईन पर पानी भरने के कारण तीन रेलसेवाओं का मार्ग परिवर्तित कर दिया है ।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ‘‘कोटा, बारां, बूंदी एवं झालावाड़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश से बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में निर्देश दिए गये हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीमें मदद कार्य कर रही हैं। सेना से भी संपर्क किया गया है एवं जरूरत पड़ने पर उसकी मदद ली जाएगी।’’
उन्होंने बुधवार को ट्वीट के जरिये कहा, ‘‘धौलपुर में भी चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है एवं भरतपुर में अधिक बारिश के कारण के कुछ इलाकों में भी बाढ़ के हालात बन सकते हैं। भरतपुर एवं धौलपुर में भी प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। आमजन से अपील है कि सावधानी बरतें एवं परेशानी होने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।’’
बूंदी में बुधवार दोपहर एक मकान के ढह जाने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। इस घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया और हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया । उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।
एसडीआरएफ कमांडेंट पंकज चौधरी ने बताया कि करौली के मंडरायल में चंबल नदी के बहाव में फंसे 67 व्यक्तियों (24 पुरूष, 21 महिलाएं और 21 बच्चों) को सुरक्षित बचा लिया गया है जबकि कोटा के इटावा गांव में एक खेत में बने एक घर में फंसे 4 पुरूष और 2 महिलाओं को बचा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इसी तरह बारां के अमरोली गांव में भैसासुर नदी के बहाव क्षेत्र में तीन गर्भवती महिलाएं फंस गई और उन्हें भी सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
बारां, कोटा, धौलपुर, झालावाड, करौली, दौसा, बूंदी, सवाईमाधोपुर के कई इलाके पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गये है। बारां, कोटा और अन्य जिलों की अधिकांश नदियां बाढ से जूझ रही है।धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और चंबल पुल पानी में डूब गया है।
चौधरी ने बताया कि चंबल नदी में खतरे का निशान 129.79 मीटर है ओर खतरे का स्तर 130.79 मीटर है जबकि बुधवार सुबह नदी का गेज 143 मीटर था और जल स्तर बढ रहा हैं । वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बारां, सवाईमाधोपुर, कोटा और बूंदी के कई इलाकों में भारी बारिश और अन्य कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार सबसे अधिक बारिश कोटा के खातोली में 280 मिलीमीटर, बूंदी में 258 मिलीमीटर दर्ज की गई।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2021 08:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

