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देश की खबरें | असम में बारिश और भूस्खलन से सात की मौत, उत्तर भारत के कुछ इलाकों में हुई बारिश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के विभिन्न हिस्सों में बारिश और भूस्खलन से सात लोगों की मौत हो गई। इन्हें मिलाकार राज्य में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, उत्तर भारत में गर्मी और उमस का सितम जारी है। हालांकि, कुछ इलाकों में बारिश हुई।

देश की खबरें | असम में बारिश और भूस्खलन से सात की मौत, उत्तर भारत के कुछ इलाकों में हुई बारिश

नयी दिल्ली, एक जुलाई असम के विभिन्न हिस्सों में बारिश और भूस्खलन से सात लोगों की मौत हो गई। इन्हें मिलाकार राज्य में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, उत्तर भारत में गर्मी और उमस का सितम जारी है। हालांकि, कुछ इलाकों में बारिश हुई।

दिल्ली वाले बारिश नहीं होने से बुधवार को उमस (उच्च आर्द्रता) और गर्मी से परेशान रहे।

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हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में इस सप्ताहांत बारिश हो सकती है।

सफदरजंग वेधशाला, जहां के आंकड़ों को पूरे शहर का प्रतिनिधि माना जाता है, ने अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है।

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दिल्ली के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में आर्द्रता 57 से 84 प्रतिशत के बीच बनी रही।

आईएमडी ने दिल्ली में मानसून के सामान्य रहने का पूर्वानुमान जताया है लेकिन 25 जून को राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के दस्तक देने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।

उधर असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक असम के विभिन्न इलाकों में बारिश और भूस्खलन से सात और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या 33 हो गई है। असम के 33 में से 21 जिलों के करीब 15 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

राज्य के बारपेटा जिले में तीन लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन की वजह से हुई। वहीं धुबरी, नौगांव, नलबाड़ी और कछार जिले में भी एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गयी है।

मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा और पंजाब में बुधावार को लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरियाणा में हिसार सबसे गर्म स्थान रहा जहां पर अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अंबाला और करनाल में क्रमश: 37.7 और 37 डिग्री तामपान दर्ज किया गया।

पंजाब के अमृतसर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लुधियाना और पटियाला में क्रमश: 38.1 और 37.7 डिग्री तापमान रहा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा।

इस बीच, प्रयागराज में 17.2 मिलीमीटर(मिमी), बलिया में चार मिमी, गोरखपुर में 3.2 मिमी और वाराणसी में 0.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आगरा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा जहां पर अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं झांसी, अलीगढ़ और इटावा में क्रमश: 39.9, 38.8 और 38.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

राजस्थान में पिछले हफ्ते मानसून आने के बावजूद कुछ इलाकों में लू चल रही है।

बीकानेर बुधवार को राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा जहां पर अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जैसलमेर में यह 44.1 डिग्री, बाड़मेर में 43.4 डिग्री, चुरू में 43.0 डिग्री, गंगानगर में 42.9 डिग्री, जोधपुर में 40.3 डिग्री व जयपुर में 41 डिग्री सेल्सियस रहा।

इस बीच बीते चौबीस घंटे में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश भीलवाड़ा के बिजोलिया में 63 मिमी दर्ज की गयी। इसके अलावा झालावाड़,कोटा, करौली, बारां, चित्तौड़गढ़, अलवर व जोधपुर जिलों में कई जगह बारिश हुई।

मौसम विभाग का कहना है कि बृहस्पतिवार को पूर्वी राजस्थान में अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, धौलपुर व जयपुर में कहीं कहीं बारिश होने व बादल छाये रहने की उम्मीद है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, चुरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर व जोधपुर में गर्म हवाएं यानी लू चलने की संभावना है।

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि जून महीने में सामान्य से अधिक बारिश हुई है और जुलाई महीने में भी यह क्रम जारी रहने की उम्मीद है।

आईएमडी के मुताबिक जून महीने में दीर्घकालिक औसत वर्षा (एलपीए) 118 प्रतिशत रही जिसे सामान्य से अधिक बारिश माना जाता है।

विभाग के मुताबिक गत 12 साल में इस साल जून में सबसे अधिक बारिश हुई।

आईएमडी के मुताबिक असम में बाढ़ की स्थिति है जबकि बिहार में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इन इलाकों में अगले पांच-10 दिनों में बारिश में कमी आएगी।

मौसम विभाग ने जुलाई महीने में सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है।

महापात्र ने कहा, ‘‘जुलाई में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा कि दो चक्रवाती परिस्थितियां एक गुजरात तट पर और दूसरी पूर्वी मध्य भारत के ऊपर बन रही है जिससे मध्य और दक्षिण भारत में अगले पांच से दस दिन में अच्छी बारिश की उम्मीद है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2020 09:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).