जरुरी जानकारी | कैप्टिव कोयला खदान कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए सात दिन का समय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने कैप्टिव कोयला खदान कंपनियों को उनके लक्ष्य के 85 प्रतिशत से ऊपर तक उत्पादन बढ़ाने के लिए सात दिन का समय दिया है।

नयी दिल्ली, छह सितंबर ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने कैप्टिव कोयला खदान कंपनियों को उनके लक्ष्य के 85 प्रतिशत से ऊपर तक उत्पादन बढ़ाने के लिए सात दिन का समय दिया है।

बिजली मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस दौरान अगर कंपनियां अपने उत्पादन में सुधार करने में नाकाम रहती हैं तो सरकार ने ऐसे राज्यों या उत्पादन कंपनियों के संपर्क वाली ऐसे कोयले की आपूर्ति को विनियमित करने की चेतावनी दी है।

केंद्रीय बिजली सचिव आलोक कुमार की अगुवाई में सोमवार को हुई बैठक में ताप बिजली संयंत्रों में कोयले के भंडार की स्थिति और कैप्टिव कोयला खदानों से कोयले के उत्पादन की समीक्षा के दौरान यह निर्णय लिया गया।

बयान में कहा गया कि कैप्टिव कोयला खदान कंपनियों को उनके उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले 85 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ाने के लिए सात दिन का वक्त दिया गया है और ऐसा करने में नाकाम होने पर उनकी बिजली संयंत्र विशेष से जुड़ी कोयले की आपूर्ति को नियमन के दायरे में ले लिया जायेगा।

यह भी तय किया गया है कि जो राज्य अथवा बिजली वितरण कंपनियां आयातित कोयला आधारित बिजली घरों से बिजली खरीदती हैं उन्हें भी दो सप्ताह का समय दिया गया है कि वह उन बिजली संयंत्रों से अपनी बिजली की मांग को पूरा करें।

इसमें असफल रहने पर ऐसे राज्यों को घरेलू कोयले की आपूर्ति को भी नियमन के तहत ला दिया जायेगा।

बैठक में कोयला आपूर्ति को सुगम बनाने के वास्ते और भी कई निर्णय लिये गये हैं।

केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक पांच सितंबर की स्थिति के मुताबिक 1,09,327 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता के 86 बिजली कारखानों में आठ दिन से कम का कोयला भंडार उपलब्ध था जबकि 7,220 मेगावाट उत्पादन क्षमता के चार कारखानों में कोयला भंडर समाप्त हो चला था।

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