देश की खबरें | सेवा पर नियंत्रण विवाद: पहले दिल्ली पर वार, अन्य राज्यों में भी अध्यादेश लाए जाएंगे : केजरीवाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े अध्यादेश को लेकर रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे पहले दिल्ली पर ‘‘वार’’ किया गया और अब अन्य राज्यों के लिए भी इसी तरह के अध्यादेश लाए जाएंगे।
नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े अध्यादेश को लेकर रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे पहले दिल्ली पर ‘‘वार’’ किया गया और अब अन्य राज्यों के लिए भी इसी तरह के अध्यादेश लाए जाएंगे।
रामलीला मैदान में आम आदमी पार्टी (आप) की महारैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र का अध्यादेश दिल्ली के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा मुझे गाली दे सकती है और मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन मैं दिल्ली के लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा।’’
भीषण गर्मी के बीच हजारों लोग महारैली में भाग लेने के लिए रामलीला मैदान में एकत्र हुए, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ आप के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी इस रैली में शिरकत की।
रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र संविधान में विश्वास नहीं करता।
केजरीवाल ने आरोप लगाया, ‘‘जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले को स्वीकार नहीं करते , तो यह हिटलर शाही है। मोदीजी का यह काला अध्यादेश कहता है कि ‘मैं लोकतंत्र को स्वीकार नहीं करता।’ अब दिल्ली में अत्याचारी शासन होगा। अब दिल्ली के लोग नहीं, बल्कि उपराज्यपाल सर्वोच्च हैं।’’
केंद्र ने 19 मई को दिल्ली में ग्रुप-ए के अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना पर एक प्राधिकरण बनाने के लिए अध्यादेश जारी किया था, जिसे आप नीत सरकार ने सेवाओं के नियंत्रण पर न्यायालय के फैसले के साथ धोखा बताया था। शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार में सभी अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना मामले उपराज्यपाल के कार्यकारी नियंत्रण में थे।
अध्यादेश के बाद, केजरीवाल गैर-भाजपा दलों के नेताओं से संपर्क कर अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि संसद में इस बारे में केंद्र का विधेयक नाकाम हो जाए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने रैली में कहा, ‘‘मैं देश भर में यात्रा कर रहा हूं और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से मिल रहा हूं। कृपया यह न सोचें कि आप अकेले हैं। आपके पास भारत के 140 करोड़ लोगों का समर्थन है।’’
आप नेता ने दावा किया कि दिल्ली ‘‘वार का सामना करने वाला पहला शहर है और दिल्ली की जनता के अधिकार छीनने वाले इस अध्यादेश का अगर विरोध नहीं किया गया तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों के लिए भी इसी तरह के अध्यादेश लाए जाएंगे।’’
आप नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल ने कहा कि दोनों नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी में काम रुकवाने के लिए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, “लेकिन हमारे पास 100 सिसोदिया, 100 जैन हैं। हम अच्छे काम जारी रखेंगे।”
पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जहां दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के आरोप में इस साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था, वहीं जैन को पिछले साल मई में धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था।
केजरीवाल ने कहा, “मोदीजी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और फिर प्रधानमंत्री के रूप में कुल 21 वर्षों से सत्ता में हैं। केजरीवाल आठ साल से सत्ता में है। किसने लोगों के लिए ज्यादा काम किया है? इतनी सारी बाधाओं के बावजूद उन्होंने पूरी शक्ति होने के बावजूद उस तरह का काम नहीं किया जैसा मैंने किया है।’’
उन्होंने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे ‘‘अच्छे कामों’’ को रोकना चाहती है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया, ‘‘मैं स्कूलों और अस्पतालों का निर्माण कराता हूं, मोदीजी कहते हैं कि वह ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने दिल्ली में मुफ्त योग कक्षाएं, मुफ्त चिकित्सा परीक्षण बंद कर दिए।’’ केजरीवाल ने साथ ही कहा कि देश बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रहा है।
आप प्रमुख ने यह भी याद किया कि कैसे रामलीला मैदान ने 12 साल पहले देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने दावा किया, '‘‘यह पवित्र मंच है। 12 साल पहले इसी रामलीला मैदान से भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन सफल हुआ था। इसी तरह लोकतंत्र और संविधान को बचाने का जो आंदोलन आज इस मंच से शुरू हो रहा है, वह भी सफल होगा।’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर हमला करते हुए उसे ‘भारतीय जुगाड़ पार्टी’ बताया, जो केवल सरकारों को गिराना जानती है।
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने अपने संबोधन में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़ने के लिए विपक्षी एकता पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया, ‘‘वे डबल इंजन वाली सरकारों की बात करते हैं लेकिन वास्तव में यह डबल बैरल सरकार है जिसमें एक बैरल सीबीआई और दूसरी ईडी है।’’
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