एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | सेंथिल बालाजी ने न्यायालय से 2022 के आदेश में की गई टिप्पणियों को हटाने का आग्रह किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी ने पैसे लेकर नौकरी देने से जुड़े घोटाले में उनके खिलाफ आपराधिक शिकायतों को बहाल करने के सितंबर 2022 के आदेश में से कुछ टिप्पणियों को हटाने का उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया है।

देश की खबरें | सेंथिल बालाजी ने न्यायालय से 2022 के आदेश में की गई टिप्पणियों को हटाने का आग्रह किया

नयी दिल्ली, 10 जुलाई तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी ने पैसे लेकर नौकरी देने से जुड़े घोटाले में उनके खिलाफ आपराधिक शिकायतों को बहाल करने के सितंबर 2022 के आदेश में से कुछ टिप्पणियों को हटाने का उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया है।

शीर्ष अदालत ने 8 सितंबर 2022 को सभी पक्षों के बीच समझौते के आधार पर पूर्व मंत्री के खिलाफ शिकायतों को रद्द करने संबंधी मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि तमिलनाडु सरकार में मंत्री के रूप में बालाजी के कार्यकाल (2011-2015 के दौरान) के दौरान परिवहन निगम में रोजगार हासिल करने के लिए भ्रष्ट आचरण के सबूत हैं।

वहीं, बालाजी ने दलील दी कि 8 सितंबर 2022 के फैसले में की गई टिप्पणियां मामले में निचली अदालत को और निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार को प्रभावित कर सकती हैं।

शीर्ष अदालत ने 2022 के अपने फैसले में कहा था, ‘‘हम यह कहने के लिए विवश हैं कि आपराधिक कानून का कोई नौसिखिया भी पीसी (भ्रष्टाचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराधों को अंतिम रिपोर्ट से बाहर नहीं छोड़ेगा। आईओ (जांच अधिकारी) का प्रयास 'हमला करने को तैयार लेकिन घायल करने से डरने वाला' प्रतीत होता है।’’

इसमें कहा गया कि राज्य सरकार को पूरे घोटाले की व्यापक जांच करानी चाहिए थी, न कि आरोपियों को किसी एक मामले को इस तरह से अलग करने की अनुमति देनी चाहिए थी जैसे कि मानो यह कोई निजी धन विवाद हो।

बालाजी ने दलील दी कि चूंकि शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ ये टिप्पणियां की हैं, इसलिए निचली अदालत के पूर्वाग्रह से ग्रसित होने की संभावना है और यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार का उल्लंघन होगा।

शीर्ष अदालत द्वारा 27 अप्रैल को फटकार लगाए जाने के बाद, बालाजी ने एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाले राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

तेईस अप्रैल को, शीर्ष अदालत ने बालाजी से ‘‘पद और स्वतंत्रता के बीच’’ किसी एक को चुनने को कहा था और चेतावनी दी थी कि अगर वह तमिलनाडु में मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।

शीर्ष अदालत ने 26 सितंबर 2024 को बालाजी को जमानत दी थी, जिन्होंने 15 महीने से ज़्यादा जेल में बिताए थे और कहा था कि निकट भविष्य में मुकदमा पूरा होने की कोई संभावना नहीं है।

ईडी ने 2018 में तमिलनाडु पुलिस द्वारा तीन प्राथमिकी दर्ज किए जाने और कथित घोटाले से पीड़ित लोगों की शिकायतों के आधार पर आरोपों की जांच के लिए जुलाई 2021 में धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

ईडी के आरोपपत्र में दावा किया गया कि मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान राज्य परिवहन विभाग में पूरी भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 10:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).