जरुरी जानकारी | सेंसेक्स ने लगाया 1016 अंक का गोता, निफ्टी 16,300 के नीचे पंहुचा, साप्ताहिक आधार पर नुकसान में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को तेज गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गोता लगाकार 55,000 के नीचे आ गया। वैश्विक बाजारों में तेज बिकवाली के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्त, बैंक और ऊर्जा शेयरों में नुकसान के साथ बाजार में गिरावट रही।
मुंबई, 10 जून घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को तेज गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गोता लगाकार 55,000 के नीचे आ गया। वैश्विक बाजारों में तेज बिकवाली के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्त, बैंक और ऊर्जा शेयरों में नुकसान के साथ बाजार में गिरावट रही।
कारोबारियों के अनुसार, रुपये की विनिमय दर में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी का भी बाजार धारणा पर असर पड़ा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में गिरावट के साथ खुला और अंत में 1,016.84 अंक यानी 1.84 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 54,303.44 अंक पर आ गया।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 276.30 अंक यानी 1.68 प्रतिशत टूटकर 16,201.80 अंक पर बंद हुआ।
घरेलू बाजारों में इस गिरावट से निवेशकों को 3.11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण गिरकर 2,51,84,358.86 करोड़ रुपये पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा 3.96 प्रतिशत की गिरावट हुई। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में रहे।
वहीं, दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में डॉ रेड्डीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, टाइटन, मारुति, नेस्ले इंडिया और एनटीपीसी शामिल हैं। इनमें 0.78 प्रतिशत तक की तेजी रही।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने तथा अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर आशंकाओं के बीच घरेलू बाजार में जोरदार बिकवाली हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने अपनी बैठक में अगले महीने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी और सितंबर में बड़े स्तर पर बदलाव का संकेत दिया है। तेल की ऊंची कीमतों के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और व्यापार घाटा बढ़ने से रुपये में गिरावट आई जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई।’’
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,465.79 अंक यानी 2.63 प्रतिशत नुकसान में रहा। वहीं एनएसई निफ्टी 382.50 अंक यानी 2.31 प्रतिशत नीचे आया।
अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के चलते एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक की प्रमिख दरों में वृद्धि की टिप्पणियों के बाद यूरोप में शेयर बाजारों में दोपहर के सत्र के दौरान भारी बिकवाली हुई।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.45 प्रतिशत चढ़कर 123.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 1,512.64 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2022 06:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

