जरुरी जानकारी | सेंसेक्स शुरुआती नुकसान से उबरा, 389 अंक चढ़ा, रिलायंस, टाटा स्टील के शेयर चमके
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीएसई सेंसेक्स सोमवार को शुरुआती गिरावट से उबरते हुए कारोबार के अंत में 389 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है, जब बाजार लाभ में रहा।
मुंबई, 28 फरवरी बीएसई सेंसेक्स सोमवार को शुरुआती गिरावट से उबरते हुए कारोबार के अंत में 389 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है, जब बाजार लाभ में रहा।
एशिया के अन्य बाजारों में तेजी के साथ सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस में मजबूती के साथ बाजार लाभ में रहा। हालांकि, यूक्रेन संकट से पश्चिमी बाजारों में गिरावट रही।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,025 अंक से अधिक लुढ़ककर 54,833.50 अंक तक आ गया था। पर बाद में तेजी लौटी और अंत में यह 388.76 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,247.28 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 135.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,793.90 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में 6.61 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में टाटा स्टील का शेयर रहा। इसके अलावा पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, एनटीपीसी, एलएंडटी, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक भी लाभ में रहे।
दूसरी तरफ डॉ. रेड्डीज, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लि. और कोटक बैंक 2.81 प्रतिशत तक नुकसान में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन संकट जारी रहने और रूस पर पाबंदियां बढ़ाये जाने से ííपश्चिमी बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। घरेलू बाजार शुरुआती कारोबार में नुकसान में रहे लेकिन बाद में धातु शेयरों के बेहतर प्रदर्शन और एशिया के अन्य बाजारों में सकारात्मक रुख से इसमें तेजी लौटी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रूस पर पाबंदी से भारतीय इस्पात की मांग विदेशों में बढ़ने की उम्मीद से धातु शेयरों में तेजी आयी। घरेलू शेयर बाजारों को तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े का भी इंतजार है। ये आंकड़े आज कारोबार बंद होने के बाद जारी हुए हैं।’’
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के शोध प्रमुख अजित मिश्रा के अनुसार, जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों के आधार पर बुधवार को बाजार की चाल तय होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय समय निवेशकों की नजर रूस-यूक्रेन गतिविधियों पर है। बातचीत का कोई भी सार्थक परिणाम धारणा को मजबूत करेगा। हालांकि, इसके उलट होने पर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा। हम निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। ’’
देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर में 5.4 प्रतिशत रही है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.7 प्रतिशत थी।
एशिया के अन्य प्रमुख बाजार शुरुआती नुकसान से उबरते हुए लाभ में बंद हुए।
जापान का निक्की-225,0.2 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.3 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 0.8 प्रतिशत मजबूत हुए।
हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग 0.2 प्रतिशत नुकसान में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख रहा।
इस बीच, अमेरिकी तेल मानक 4.7 प्रतिशत मजबूत होकर 95.92 डॉलर प्रति बैरल पर और वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड 4.5 प्रतिशत के लाभ के साथ 98.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 75.33 प्रतिशत पर स्थिर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन संकट के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 4,470.70 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 28, 2022 06:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

