जरुरी जानकारी | आईटी, बैंक शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 498 अंक टूटा, निफ्टी 147 अंक कमजोर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और दोनों मानक सूचकांक... बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी मंगलवार को करीब एक प्रतिशत के नुकसान में रहे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में आक्रमक रूप से वृद्धि की आशंका के बीच सूचना प्रौद्योगिकी, बैंक और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
मुंबई, 26 जुलाई शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और दोनों मानक सूचकांक... बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी मंगलवार को करीब एक प्रतिशत के नुकसान में रहे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में आक्रमक रूप से वृद्धि की आशंका के बीच सूचना प्रौद्योगिकी, बैंक और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 497.73 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,268.49 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 147.15 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,483.85 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में आईटी कंपनी इन्फोसिस सबसे अधिक 3.4 प्रतिशत के नुकसान में रही। विप्रो में 2.28 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 1.74 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.68 प्रतिशत और टीसीएस में 1.62 प्रतिशत का नुकसान रहा।
बैंकों में एक्सिस बैंक तीन प्रतिशत, कोटक बैंक 2.07 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक 0.67 प्रतिशत नीचे आये। एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लि. और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई।
इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, डॉ. रेड्डीज लैब, विप्रो, कोटक महिंद्रा बैंक और लार्सन एंड टुब्रो भी नुकसान में रहे।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में बजाज फिनसर्व में सर्वाधिक 5.58 प्रतिशत तक की तेजी रही। इसके अलावा, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज भी लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक आज (मंगलवार) से शुरू हुई है। इसमें नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। इसके अलावा खासकर पश्चिमी बाजारों में मंदी की आशंका से बाजार धारणा पर असर पड़ा।’’
नायर ने कहा, ‘‘हालांकि, घरेलू बाजार में मजबूती दिख रही है, लेकिन पश्चिमी बाजारों की आर्थिक हालात का असर पड़ना तय है।’’
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक इस बात से चिंतित हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रमक रुख के बाद यूरोप तथा एशिया के केंद्रीय बैंक भी इसी प्रकार के कदम उठा सकते हैं। इससे वैश्विक आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘प्रतिभागियों ने शुरू से मुनाफावसूली को तरजीह दी जिससे सूचकांक नीचे आता गया। कंपनियों के तिमाही परिणाम मिले-जुले रहने के साथ अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतिगत घोषणा से पहले सतर्क रुख देखने को मिला...।’’
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसग लाभ में रहे।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार में सोमवार को मिला-जुला रुख था।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.38 प्रतिशत उछलकर 106.6 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 844.78 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 26, 2022 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

