एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | सेंसेक्स 657 अंक के उछाल के साथ फिर 58,000 अंक के पार, आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा पर नजर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही। वाहन, धातु तथा बैंक शेयरों में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स ने 657 अंक की तेजी के साथ फिर से 58,000 अंक के स्तर को प्राप्त कर लिया।

जरुरी जानकारी | सेंसेक्स 657 अंक के उछाल के साथ फिर 58,000 अंक के पार, आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा पर नजर

मुंबई, नौ फरवरी शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही। वाहन, धातु तथा बैंक शेयरों में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स ने 657 अंक की तेजी के साथ फिर से 58,000 अंक के स्तर को प्राप्त कर लिया।

कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख से भी बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट तथा विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लाभ पर अंकुश लगा।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 657.39 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,465.97 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 197.05 अंक यानी 1.14 प्रतिशत उछलकर 17,463.80 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति का शेयर 4.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ सर्वाधिक लाभ में रहा। इसके अलावा इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, टाइटन, विप्रो और भारती एयरटेल में भी प्रमुख रूप से तेजी रही।

दूसरी तरफ केवल तीन शेयर... सन फार्मा, आईटीसी और पावर ग्रिड 0.72 प्रतिशत तक नुकसान में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ घरेलू बाजार भी लाभ में रहे। केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख क्षेत्र बढ़त में रहे। अमेरिकी शेयर बाजार में कल तेजी रही। निवेशकों ने मुद्रास्फीति का आंकड़ा जारी होने से पहले कच्चे तेल की ऊंची कीमत और ब्याज दर में वृद्धि को तवज्जो नहीं दी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई की बृहस्पतिवार को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा पर सबकी नजर होगी। इसका कारण घरेलू स्तर पर महंगाई दर और दुनिया के कुछ अन्य देशों में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दर बढ़ाये जाने से केंद्रीय बैंक पर इसी प्रकार का रुख अपनाने का दबाव होगा।’’

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘....निफ्टी में आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले तेजी आयी...ऐसा लगता है कि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम हो रहा है। इसके साथ कच्चे तेल के दाम में कमी से दुनियाा के प्रमुख बाजारों में धारणा मजबूत हुई है। आरबीआई अगर रेपो दर (रिवर्स रेपो दर नहीं) बढ़ाता है तो बाजार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’’

एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त में रहे।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी रही।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत फिसलकर 90.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू होने से कच्चे तेल के दाम में नरमी आयी। अगर समझौता परवान चढ़ता है तो ईरान का कच्चा तेल वैश्विक बाजार में आएगा।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर सात पैसे टूटकर 74.81 प्रति डॉलर पर बंद हुई।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 1,967.89 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 09, 2022 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).