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जरुरी जानकारी | आईटी शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 345 अंक टूटा, निफ्टी 121 अंक के नुकसान में

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव से स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 345 अंक के नुकसान में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 121 अंक टूट गया।

जरुरी जानकारी | आईटी शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 345 अंक टूटा, निफ्टी 121 अंक के नुकसान में

मुंबई, 10 जुलाई सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव से स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 345 अंक के नुकसान में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 121 अंक टूट गया।

निवेशकों ने कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रुख अपनाया। इसके अलावा, शुल्क संबंधी अनिश्चितताओं के कारण भी बाजार में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 345.80 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,190.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 401.11 अंक तक नीचे आ गया था।

बीएसई के 2,064 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,959 शेयरों के भाव बढ़ गए। वहीं 138 शेयरों के मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ।

इसी प्रकार, 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 120.85 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,355.25 अंक पर बंद हुआ।

हालांकि, वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख से घरेलू बाजार में नुकसान पर अंकुश लगा।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘टीसीएस के पहली तिमाही के नतीजों से पहले आईटी शेयरों में कमजोर रुख के कारण भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी और वित्त क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहने की आशंका के कारण पहली तिमाही के नतीजों से पहले निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है...।’’

सेंसेक्स के शेयरों में भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा और इटर्नल (पूर्व में जोमैटो) के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट आई।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में मारुति, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट शामिल हैं।

लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क घोषणा और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनियों के वित्तीय नतीजों से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। इससे बाजार में गिरावट आई...।’’

मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.28 प्रतिशत टूटा, जबकि छोटी कंपनियों से जुड़े बीएसई स्मॉलकैप में 0.12 प्रतिशत की तेजी रही।

एक सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारतीय वाणिज्य मंत्रालय का एक दल कृषि और वाहन जैसे क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने के लिए अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर एक और दौर की बातचीत के लिए जल्द ही अमेरिका जाएगा।

यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका ने अतिरिक्त आयात शुल्क (भारत के मामले में यह 26 प्रतिशत है) को एक अगस्त तक बढ़ा दिया है। भारत इस अतिरिक्त शुल्क को हटाने की मांग कर रहा है।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान के निक्की में गिरावट आई।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में ज्यादातर में तेजी थी। अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत टूटकर 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 176.43 टूटा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 46.40 अंक की गिरावट आई थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 05:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).