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जरुरी जानकारी | बाजार में चार दिन से जारी तेजी पर विराम, ब्याज दर बढ़ने की चिंता में सेंसेक्स 224 अंक टूटा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में पिछले चार दिन से जारी तेजी पर बुधवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 224 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के साथ उच्च मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये आक्रामक रूप से ब्याज दर बढ़ाये जाने को लेकर चिंता के बीच सूचना प्रौद्योगिकी और दवा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।

जरुरी जानकारी | बाजार में चार दिन से जारी तेजी पर विराम, ब्याज दर बढ़ने की चिंता में सेंसेक्स 224 अंक टूटा

मुंबई, 14 सितंबर घरेलू शेयर बाजारों में पिछले चार दिन से जारी तेजी पर बुधवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 224 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के साथ उच्च मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये आक्रामक रूप से ब्याज दर बढ़ाये जाने को लेकर चिंता के बीच सूचना प्रौद्योगिकी और दवा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।

अमेरिका में अगस्त महीने में मुद्रास्फीति अनुमान से अधिक रहने के बाद ब्याज दर आक्रामक तरीके से बढ़ने की आशंका को देखते हुए वैश्विक बाजारों में गिरावट का रुख रहा। घरेलू बाजार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी शुरुआती कारोबार में 60,000 और 18,000 अंक के स्तर के नीचे आ गये।

निवेशकों ने आईटी, ऊर्जा और दवा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली की। वहीं बैंक शेयरों में लिवाली से बाजार को बड़ी गिरावट से उबरने में मदद मिली।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,150 अंक तक लुढ़क गया था। बाद में इसमें सुधार आया और अंत में यह 224.11 अंक यानी 0.37 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 66.30 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,003.75 अंक पर बंद हुआ। एक समय यह 17,771.15 अंक तक नीचे आ गया था।

अमेरिका में अगस्त महीने में उम्मीद से अधिक महंगाई दर के साथ यह चिंता है कि फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) आक्रामक रूप से ब्याज दर बढ़ा सकता है। इससे दुनिया के विभिन्न बाजारों में गिरावट रही। अमेरिका में अगस्त में मुद्रास्फीति 8.3 प्रतिशत रही जबकि अर्थशास्त्री 8.1 प्रतिशत की महंगाई दर का अनुमान लगा रहे थे।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि वैश्विक स्तर पर नकारात्मक रुख के बीच घरेलू बाजार ने मजबूती दिखायी।

उन्होंने कहा, ‘‘...खुदरा, घरेलू के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत पूंजी प्रवाह से घरेलू बाजार में मजबूती बनी हुई है।’’

सेंसेक्स के शेयरों में इन्फोसिस सबसे ज्यादा 4.53 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एलएंडटी, विप्रो और रिलायंस प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ इंडसइंड बैंक, पावरग्रिड, एनटीपीसी, एसबीआई, कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक तथा एचडीएफसी लि. लाभ में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनाद नायर ने कहा कि हालांकि शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार में तेज बिकवाली हुई। लेकिन बाद में इसमें सुधार आया। अर्थव्यवस्था में बेहतर संभावनाओं के साथ निवेशकों ने निचले स्तर पर लिवाली की जिससे बाजार को समर्थन मिला।

उन्होंने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अगस्त में नरम होने से बाजार और बैंक शेयरों पर सकारात्मक असर पड़ा। हालांकि, पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका से आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा।

विनिर्मित वस्तुओं के सस्ता होने से घरेलू स्तर पर थोक मुद्रास्फीति लगातार तीसरे महीने अगस्त में नरम पड़कर 12.41 प्रतिशत रही। हालांकि, अगस्त लगातार 17वां महीना है जब थोक महंगाई दर दहाई अंक में बनी हुई है।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग तथा चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहे।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में नुकसान का रुख था।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1,956.98 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2022 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).