देश की खबरें | वरिष्ठ पद: न्यायालय ने उम्मीदवारों के अस्वीकृत, स्थगित आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया
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नयी दिल्ली, 15 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वह उन वकीलों को वरिष्ठ पद देने के आवेदनों पर नए सिरे से विचार करे जिनके आवेदन या तो खारिज कर दिए गए थे या स्थगित कर दिए गए थे।
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि उचित समाधान यह होगा कि उच्च न्यायालय को निर्देश दिया जाए कि वह उम्मीदवारों के स्थगित और अस्वीकृत मामलों पर दिल्ली उच्च न्यायालय वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम नियम, 2024 के अनुसार विचार करे।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मुद्दा यह है कि एक सदस्य द्वारा दिए गए अंकों पर विचार नहीं किया गया।
पीठ ने कहा, ‘‘रजिस्ट्रार जनरल 2024 नियम के नियम तीन के अनुसार स्थायी समिति के पुनर्गठन के लिए कदम उठाएंगे। आवेदकों के स्थगित और अस्वीकृत आवेदनों को फिर से स्थायी समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिस पर नियम 2024 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।’’
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि 302 आवेदकों में से 70 को नवंबर 2024 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था, जबकि 67 उम्मीदवारों के आवेदन स्थगित कर दिए गए थे और शेष को खारिज कर दिया गया था।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय से वरिष्ठ पद प्रदान करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा।
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नवंबर, 2024 में कथित अनियमितताओं के आधार पर 70 अधिवक्ताओं को वरिष्ठ पद प्रदान करने के निर्णय को एक याचिका में चुनौती दी गई है।
उच्च न्यायालय ने 12 महिलाओं सहित 70 वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया।
स्थायी समिति द्वारा उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने के बाद वरिष्ठ पद प्रदान किए गए।
तीन सौ से अधिक वकीलों ने प्रतिष्ठित वरिष्ठ पद के लिए आवेदन किया था, जिसे उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों द्वारा वकील की क्षमता, अदालती कौशल और कानूनी कौशल की मान्यता के रूप में प्रदान किया जाता है।
शीर्ष अदालत ने 20 फरवरी को कहा था कि वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित करने के मामले में ‘‘गंभीर आत्मनिरीक्षण’’ की आवश्यकता है और इस मुद्दे को प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना के समक्ष यह तय करने के लिए भेजा गया है कि क्या एक बड़ी पीठ को मामले की सुनवाई करनी चाहिए।
शीर्ष अदालत ने अपनी आपत्तियों को व्यक्त करते हुए कहा था कि यह संदेहास्पद है कि महज कुछ मिनट किसी उम्मीदवार का साक्षात्कार लेने से वास्तव में उसके व्यक्तित्व या उपयुक्तता का परीक्षण किया जा सकता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2025 02:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

