देश की खबरें | रिश्वत लेने के आरोप में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक गिरफ्तार
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नयी दिल्ली, 21 मार्च केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक उदय कुमार को मुंबई की कंपनी केईसी इंटरनेशनल के एक अधिकारी से 2.4 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के अजमेर में तैनात कुमार को बृहस्पतिवार को सीकर में केईसी इंटरनेशनल के सुमन सिंह के साथ गिरफ्तार किया गया, जहां दोनों कथित तौर पर रिश्वत की रकम के लेनदेन के लिए मिलने के वास्ते सहमत हुए थे।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘यह रिश्वत कथित तौर पर पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) द्वारा निजी कंपनी को दिये गये अनुबंधों से संबंधित बिलों की मंजूरी के वास्ते अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए दी गई थी।’’
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने उन परिसरों में छापेमारी की जहां कुमार और सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें बृहस्पतिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी में पांच व्यक्तियों और केईसी इंटरनेशनल कंपनी को नामजद आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि केईसी इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष और उत्तर भारत प्रमुख जबराज सिंह प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में शामिल हैं।
प्राथमिकी में जयपुर स्थित केईसी इंटरनेशनल के वित्त एवं लेखा के वरिष्ठ प्रबंधक अतुल अग्रवाल और कंपनी के कर्मचारी आशुतोष कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।
कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘यह आरोप लगाया गया था कि पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आरोपी लोक सेवक ने निजी कंपनी के आरोपी प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत करते हुए, रिश्वत के बदले में आरोपी निजी कंपनी को दिए गए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुबंधों से संबंधित बिलों की मंजूरी के वास्ते अनुचित लाभ पहुंचाने में मदद की थी।’’
बयान के अनुसार एजेंसी ने सीकर, जयपुर और मोहाली में आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किये गये।
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