देश की खबरें | वरिष्ठ अधिवक्ता ने सीजेआई से चुनाव गतिरोध के समाधान के लिए पीठ का गठन किये जाने का अनुरोध किया
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नयी दिल्ली, 16 जनवरी उच्चतम न्यायालय बार संघ (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने शनिवार को प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे से अनुरोध किया कि संघ के चुनाव को लेकर बने गतिरोध के समाधान के लिए पीठ का गठन किया जाए।
सिंह ने कहा कि बृहस्पतिवार को एससीबीए के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले दुष्यंत दवे को पिछले साल नवंबर के प्रथम सप्ताह में चुनाव समिति का गठन करना था क्योंकि कार्यसमिति का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त हो रहा था।
सिंह ने उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर कहा, ‘‘उन्होंने फैसले को एक महीने टाला। चार दिसंबर को फैसला करने के बाद भी उन्होंने चुनाव समिति को सूचना देने में एक और सप्ताह की देरी की। जब चुनाव समिति पहले ही डिजिटल चुनाव कराने का फैसला कर चुकी है तो कोई वजह नहीं है कि वह समिति से नियुक्तियों के संदर्भ में फैसले में बदलाव करने को कहें।’’
पत्र में लिखा है, ‘‘अगर चुनाव मिश्रित तरीके से होने हैं जैसा कि वे चाहते थे तो उन्हें चार दिसंबर को फैसला करना चाहिए था। अब चुनाव समिति से चुनाव को एक बार फिर फरवरी के तीसरे सप्ताह तक लंबित करने के लिए कहना, दवे की उनका कार्यकाल लंबा खींचने की कोशिश है। इस्तीफा सिर्फ नाटकबाजी है।’’
वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने कहा कि चुनाव समिति के तीनों सदस्यों ने शुक्रवार रात को इस्तीफा दे दिया। एससीबीए ने एक डिजिटल कंपनी के माध्यम से चुनाव कराने के समिति के फैसले को नामंजूर कर दिया था।
कार्यसमिति में एससीबीए के सचिव पद से हटाये गये वकील अशोक अरोड़ा ने दवे की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उच्चतम न्यायालय बार संघ के इतिहास में सबसे अधिक भ्रष्ट समिति की अगुवाई करने की ख्याति प्राप्त है।
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