देश की खबरें | एसईसी की कार्यप्रणाली निष्पक्ष पंचायत चुनावों के बारे में भरोसा पैदा करने वाली होनी चाहिए: कलकत्ता उच्च न्यायालय

कोलकाता, 28 जून कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को इस तरह से काम करना चाहिए कि पश्चिम बंगाल के लोगों को यह आश्वासन मिले कि राज्य में आगामी पंचायत चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे।

अदालत ने कहा कि चूंकि राज्य ने आठ जुलाई को एक चरण में पंचायत चुनाव कराने का फैसला किया है, इसलिए राज्य मशीनरी की तैयारियों, साजो-सामान और सहयोग पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि एसईसी को ‘‘इस तरह से काम करना चाहिए कि पश्चिम बंगाल की जनता को आयोग पर भरोसा हो और वे निश्चिंत रहें कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे तथा चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को संरक्षित रखा जाएगा।’’

पीठ ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत द्वारा आयोग के प्रति जताए गए भरोसे को तोड़ने का काम नहीं किया जाना चाहिए। याचिका में दावा किया गया कि केंद्रीय बलों की तैनाती और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने पर अदालत के पूर्व के आदेशों का अक्षरश: पालन नहीं किया गया।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान व्यापक हिंसा में पिछले दो हफ्तों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

अदालत ने कहा कि राज्य भर के 61,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर आठ जुलाई को होने वाले मतदान के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के अनुपालन पर एक रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है क्योंकि इसमें केवल यह बताया गया है कि इन्हें लगाने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इसके अमल पर कुछ नहीं कहा गया।

अदालत ने एसईसी और पश्चिम बंगाल सरकार से मामले और चुनाव ड्यूटी के लिए संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के आरोपों जैसे अन्य मुद्दों पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। अदालत अब तीन जुलाई को मामले पर सुनवाई करेगी।

पीठ ने कहा कि पूर्व के निर्देश के अनुसार एसईसी द्वारा दाखिल अनुपालन रिपोर्ट बेहद विस्तृत है। अदालत ने कहा कि उसने 13 जून, 15 जून और 21 जून के अपने पूर्व के आदेशों में उन मापदंडों को रेखांकित किया था जिनका पालन किया जाना है। पीठ ने कहा कि आयोग को बस एक सटीक प्रारूप में जवाब देना है।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आयोग से 24 जून के उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है कि क्या केंद्रीय बल सुरक्षा ड्यूटी पर होंगे या उन्हें मतदान केंद्रों पर तैनात किया जाएगा।

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