नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागर विमानन विभाग के सचिवों के सम्मेलन में विमानन क्षेत्र में बुनियादी ढांचा, कराधान और नीतियों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस संबंध में जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय नागर विमानन सचिव राजीव बंसल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विमान ईंधन पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (वैट) को कम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि देश में घरेलू यात्रियों की हवाई यात्रा की संख्या लगभग कोविड-19 महामारी के पूर्व स्तर पर पहुंच गई।
बंसल ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भी सराहना की, जिन्होंने पहले ही विमानन ईंधन पर लगने वाले वैट कम कर दिये हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘सम्मेलन में विभिन्न प्रकार के हवाई अड्डों के लिए भूमि की आवश्यकता, भूमि सौंपने के लंबित मामले, वैट जैसे कराधान संबंधी मुद्दों, एफटीओ (उड़ान प्रशिक्षण संगठनों) और एमआरओ (मरम्मम, रखरखाव, ओवरहॉल) को बढ़ावा देने के लिए कर प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे के समर्थन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।’’
इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नागर विमानन नीतियों और अंतित छोर तक हवाई संपर्क को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
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