जरुरी जानकारी | फोर्टिस हेल्थकेयर मामले में सेबी ने पांच फर्मों को जुर्माना भरने का नोटिस भेजा

नयी दिल्ली, 23 जून फोर्टिस हेल्थकेयर से जुड़े फंड हेराफेरी और इसे छिपाने के लिए गलत बयानी करने के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड (सेबी) ने पांच फर्मों को 15 दिन के अंदर 5.7 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया है।

बाजार नियामक ने तय समय के अंदर जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर फर्मों की संपत्तियों एवं बैंक खातों को कुर्क करने की चेतावनी दी है। नोटिस भेजी जाने वाली कंपनियों के नाम सौभाग्य बिल्डकॉन, जॉल्टन प्रॉपर्टीज, टाइगर डेवलपर्स, टॉरस बिल्डकॉन और रोजस्टार मार्केटिंग हैं।

यह नोटिस इन सभी कंपनियों पर सेबी की तरफ से पहले लगाए गए जुर्माने को नहीं चुकाने पर भेजा गया है। कंपनियों पर सेबी ने मई, 2020 में जुर्माना लगाया था।

बृहस्पतिवार को जारी नोटिस में सेबी ने इन इकाइयों को 15 दिन में 5.7 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया। इसमें हर्जाने के अलावा ब्याज भी शामिल है।

इस राशि को जमा नहीं करने पर सेबी कंपनियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी कर राशि की वसूली करेगी। इसके अलावा कंपनियों के बैंक खातों को भी जब्त कर लिया जाएगा।

बाजार नियामक ने राशि की भरपाई के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लेने का विकल्प भी रखा है।

सेबी ने जून महीने में ही इस मामले में चार अन्य कंपनियों को नोटिस भेजा था। सेबी ने फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड (एफएचएल) के कोष की हेराफेरी और धोखाधड़ी को छिपाने के लिए गलतबयानी से संबंधित एक मामले में कुल 32 फर्मों पर 38.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। पांचों कंपनियों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था।

यह जुर्माना एफएचएल के कोष को आरएचसी होल्डिंग के खाते में भेजने के लिए अनुचित तरीके अपनाने पर लगाया गया था। इस दौरान करीब 397 करोड़ रुपये की राशि की हेराफेरी की गई थी।

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