जरुरी जानकारी | सेबी ने मध्यवर्ती इकाइयों के लिए प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी बनाने का प्रस्ताव रखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों और पोर्टफोलियो प्रबंधन की पंजीकृत मध्यवर्ती इकाइयों के कामकाज संबंधी दावों की पुष्टि के लिए एक 'प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी' (पीवीए) के गठन का शुक्रवार को प्रस्ताव रखा।
नयी दिल्ली, एक सितंबर पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों और पोर्टफोलियो प्रबंधन की पंजीकृत मध्यवर्ती इकाइयों के कामकाज संबंधी दावों की पुष्टि के लिए एक 'प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी' (पीवीए) के गठन का शुक्रवार को प्रस्ताव रखा।
इस एजेंसी के गठन से इन मध्यवर्ती फर्मों को अपने सत्यापित प्रदर्शन का ब्योरा निवेशकों को दिखाने में सहूलियत होगी। इससे इन कंपनियों की विश्वसनीयता को बढ़ाने और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) म्यूचुअल फंड योजनाओं के प्रदर्शन की गणना करती हैं। इसी तरह पोर्टफोलियो प्रबंधन कंपनियों को भी कुछ मानकों पर अपने प्रदर्शन की जानकारी देने की अनुमति है। हालांकि इन फर्मों के ज्यादातर दावे स्व-प्रमाणित ही होते हैं और इनकी पुष्टि करने वाली किसी समर्पित एजेंसी का अभाव है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में पीवीए के गठन की जरूरत बताते हुए कहा, "मध्यवर्तियों/ अन्य कंपनियों को अधिक ग्राहक आकर्षित करने और विस्तार के लिए अपना प्रदर्शन दिखाने की जरूरत होती है। हालांकि अधिक ग्राहकों की चाहत में इनमें से कुछ कंपनियां निवेशकों को अपने प्रदर्शन या सुझावों के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर सकती हैं जिससे उन्हें गुमराह किया जा सकता है।"
इस पृष्ठभूमि में सेबी ने प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी के गठन का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह स्वतंत्र एजेंसी मध्यवर्ती कंपनियों के दावों की पुष्टि करेगी। इनमें पंजीकृत निवेश सलाहकारों, शोध विश्लेषकों एवं पोर्टफोलियो प्रबंधन एवं शेयर ब्रोकरों की तरफ से शेयरों की खरीब-बिक्री, म्यूचुअल फंड, पोर्टफोलियो प्रबंधन से जुड़े दावे शामिल होंगे।
प्रेम
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