जरुरी जानकारी | सेबी ने एमआई रिसर्च पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
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नयी दिल्ली, 19 सितंबर पूंजी बाजार नियामक सेबी ने नियामकीय नियमों के उल्लंघन के लिए एमआई रिसर्च पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एमआई रिसर्च सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार कंपनी है। इसके प्रमुख आशीष जैन हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेश सलाहकार से जुड़े नियमों के अनुपालन के संदर्भ में एमआई रिसर्च की जांच की थी। जांच के बाद यह आदेश आया है।
जांच की अवधि नवंबर, 2017 से अगस्त, 2019 के बीच थी।
सेबी ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि एमआई रिसर्च ने निवेश सलाहकार के रूप में सेवा देने के लिये 748 ग्राहकों से 1.95 करोड़ रुपये तक वसूले। ऐसा लगता है कि कंपनी ने अपनी सेवा के एवज में जो शुल्क वसूला, वह काफी ज्यादा है।
इसके साथ एमआई रिसर्च निवेश सलाहकार से जुड़े नियमों का अनुपालन करने में विफल रही। साथ ही उसने अपने ग्राहकों को निश्चित रिटर्न का वादा किया। और अपनी सेवाएं गलत तरीके से ग्राहकों को बेची।
सेबी के अनुसार, इस प्रकार एमआई रिसर्च ईमानदारी से और अच्छे विश्वास से कार्य करने में विफल रही। वह उच्च पेशेवर मानक, आचरण के उचित मानकों और नियामकीय जरूरतों का अनुपालन करने में विफल रही।
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