सेबी ने आईपीओ, राइट्स इश्यू की नियामकीय अनुमति की वैधता अवधि छह महीने बढ़ाई
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि विभिन्न औद्योगिक संगठनों के आग्रह के बाद उसने यह फैसला लिया है।
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और राइट्स इश्यू जारी करने के लिए अनिवार्य नियामकीय अनुमति की वैधता को बाजार नियामक सेबी ने छह महीने के लिए बढ़ा दिया। सेबी ने कोरोना वायरस संकट को देखते हुए यह निर्णय किया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि विभिन्न औद्योगिक संगठनों के आग्रह के बाद उसने यह फैसला लिया है।
सेबी ने कहा कि जिन कंपनियों के आईपीओ या राइट्स इश्यू को मिली नियामकीय अनुमति की वैधता एक मार्च 2020 से 30 सितंबर 2020 के बीच समाप्त हो रही है। वह समाप्त होने की तिथि से अगले छह माह तक मान्य रहेगी।
हालांकि, इसके लिए कंपनी को निर्गम के प्रमुख प्रबंधक से एक लिखित अनुमति लेनी होगी। साथ ही सेबी के पास जब अद्यतन दस्तावेज जमा कराए जाएंगे तो पूंजी के निर्गम और सूचना सार्वजनिक करने की अनिवार्य शर्तों (आईसीडीआर) के नियम का पालन करना होगा।
मौजूदा नियम के मुताबिक सेबी से अनिवार्य अनुमति मिलने के बाद कंपनियों को 12 माह के भीतर आईपीओ या राइट्स इश्यू लाना होता है।
सेबी का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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