जरुरी जानकारी | सेबी ने भुगतान बेंकों को निवेशक बैंकर के रूप में काम करने की अनुमति दी

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नयी दिल्ली, तीन अगस्त पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को भुगतान बैंकों को निवेश बैंकर के रूप में काम करने की अनुमति दे दी। इस पहल का मकसद भुगतान के विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर निवेशकों के लिये सार्वजनिक और राइट्स इश्यू में भागीदारी को आसान बनाना है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि जिन गैर-अनुसूचित भुगतान बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से पहले से अनुमति है, वे निर्गम के लिये बैंकर (बैंकर टू इश्यू-बीटीआई) के रूप में काम करने के लिये पात्र होंगे।

यह बीटीआई नियमों में निर्धारित शर्तों के पूरा करने पर निर्भर है।

साथ ही बीटीआई के रूप में पंजीकृत भुगतान बैंकों को भी स्व प्रमाणित बैंक सिंडकेट के रूप में काम करने की अनुमति होगी। यह सेबी द्वारा इस संदर्भ में निर्धारित मानदंडों पर निर्भर करेगा।

सेबी ने कहा, ‘‘निवेशकों से निर्गमकर्ता के लिये जो भी राशि ब्लॉक की जाएगी या भेजी जाएगी, वह निवेशक के भुगतान बैंक के बचत खाते में जमा रकम से होनी चाहिए।’’

सेबी ने 30 जुलाई को जारी अधिसूचना में बीटीआई नियमों में संशोधन किया। इसके जरिये अन्य बैंक इकाइयों को निर्गम के लिये बैंकर गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति दी गयी है। इन बैंकिंग इकाइयों में वे कंपनियां शामिल होंगी, जिन्हें सेबी ने समय-समय पर निर्दिष्ट किया है।

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