देश की खबरें | सीमा शुल्क अधिकारियों की ओर से परिसर को सील करना कठोर कार्रवाई : बंबई उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि अधिकार नहीं होने के बावजूद सीमा शुल्क विभाग द्वारा परिसर को सील करना कठोर कार्रवाई है जिससे ‘‘व्यक्ति का अचल संपत्ति रखने, इस्तेमाल करने और कब्जे का अधिकार प्रभावित होता है।’’
मुंबई, 26 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि अधिकार नहीं होने के बावजूद सीमा शुल्क विभाग द्वारा परिसर को सील करना कठोर कार्रवाई है जिससे ‘‘व्यक्ति का अचल संपत्ति रखने, इस्तेमाल करने और कब्जे का अधिकार प्रभावित होता है।’’
न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की पीठ ने मंगलवार को एक मामले में आदेश पारित करते हुए कहा कि उसकी राय है कि तलाशी लेने के अधिकार का अभिप्राय सील नहीं होता और नवी मुंबई के सीमा शुल्क अधिकारी कंपनी के परिसरों से सील हटाए।
अदालत ने यह आदेश नारायण पावर सॉल्यूशन की याचिका पर पारित किया। कंपनी ने अधिवक्ता सुजय कांटावाला के जरिये नवी मुंबई के उसके कार्यालय परिसरों पर लगे सील को हटाने का अनुरोध किया था।
कांटावाला ने तर्क दिया कि सीमा शुल्क विभाग के सीमा शुल्क अधिनियम के तहत परिसर को सील करने का न तो अधिकार है और न ही यह उसके न्यायाधिकार क्षेत्र में है।
अदालत ने कहा, ‘‘ परिसर सील करने का अधिकार प्रबल शक्ति है। हमारे विचार से ऐसे अधिकार का इस्तेमाल तबतक नहीं किया जाना चाहिए जबतक वह कानून द्वारा प्रदत्त न हो।’’ उसने कहा कि सीमा शुल्क अधिकारियों को सीमाशुल्क अधिनियम की धारा-105 के तहत यह अधिकार नहीं है।
अदालत ने कहा कि परिसर को सील करना कठोर कदम है।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘इसकी वजह से व्यक्ति के अचल संपत्ति रखने, उसका इस्तेमाल करने और उसपर कब्जे के अधिकार से छेड़छाड़ होती है। संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए या अन्यथा किया जा सकता है। इसलिए, परिसर को सील करने की किसी भी कार्रवाई से व्यक्ति की परिसर के उपयोग करने और कब्जा करने के कानूनी अधिकारों पर सीधा प्रभाव होगा जिसकी गारंटी संविधान के अनुच्छेद 300ए में दी गई है।’’
अदालत ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई कानूनी अधिकार को निलंबित करने या उसे छीनने जैसी है और यह कारोबार करने के अधिकार को बुरी तरह से प्रभावित करती है जिसकी गारंटी संविधान ने अनुच्छेद 19(1)(जी) में दी गई है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)