जरुरी जानकारी | एससीओ सदस्य देशों ने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे पर भारत का प्रस्ताव सर्वसम्मति से माना: वैष्णव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरराष्ट्रीय निकाय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को विकसित करने के लिए भारत के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 13 मई अंतरराष्ट्रीय निकाय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को विकसित करने के लिए भारत के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यह जानकारी दी।

एससीओ में पाकिस्तान और चीन भी सदस्य हैं।

भारत ने जनता तक आसानी से सेवाएं पहुंचाने के लिए यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई), आधार जैसे डिजिटल सार्वजनिक ढांचों (डीपीआई) को विकसित किया है।

वैष्णव ने कहा, “एससीओ सदस्य देशों के डिजिटल मंत्रियों ने आज मुलाकात की और अपने-अपने यहां डिजिटल प्रौद्योगिकी लागू करने के लिए डीपीआई को लागू करने के भारत के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।”

एससीओ में आठ सदस्य देश- चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। इनके अलावा चार पर्यवेक्षक देश- अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया और छह वार्ता साझेदार- अर्मेनिया, अजरबैजान, कम्बोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्किए हैं।

सरकार ने जी-20 अध्यक्षता में अपनी जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में बिना किसी शुल्क के विभिन्न देशों को प्रौद्योगिकी का लाभ देने की पेशकश करने के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि भारतीय स्टार्टअप इससे लाभान्वित होंगे।

भारत ने यूपीआई स्वीकार्यता के लिए पहले से ही लगभग दर्जनभर देशों के साथ करार कर लिया है।

भीम यूपीआई क्यूआर इस समय सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मॉरीशस, नेपाल और भूटान में स्वीकार किए जा चुके हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\