भोपाल, 13 जुलाई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया कि पटवारियों (राजस्व विभाग के कर्मचारियों) के लिए आयोजित की गई भर्ती परीक्षा की जांच कराने से कतरा रही है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 26 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भोपाल और इंदौर सहित राज्य के कई हिस्सों में बेरोजगार युवाओं ने आज दिन में विरोध प्रदर्शन किया। इस परीक्षा के परिणाम मई और जून में घोषित किए गए थे।
प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के शासन में एक बार फिर भर्ती में घोटाले की खबरें आ रही हैं। नौकरियों के लिए पदों की लाखों रुपए में बोली लगाए जाने की खबरें हैं और सरकार जांच कराने से क्यों कतरा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भर्ती घोटालों से जुड़े होने के आरोप में भाजपा नेताओं का नाम ही क्यों सामने आता है।’’
प्रियंका ने आगे लिखा, ‘‘नौकरी के लिए भर्तियों में केवल घोटाले ही घोटाले हैं। भाजपा सरकार लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में क्यों डाल रही है।’’
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के भोपाल कार्यालय के सामने और इंदौर कलेक्टरेट परिसर के सामने परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर बेरोजगार युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड को पहले व्यावसायिक परीक्षा मंडल या व्यापमं के नाम से जाना जाता था।
प्रदर्शनकारियों ने पटवारी भर्ती परीक्षा को ‘‘व्यापमं घोटाला 3.0’’ करार देते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल संगठन ‘‘नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन’’ की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य राधे जाट ने कहा, ‘‘पटवारी भर्ती घोटाले को लेकर राज्य के युवाओं में खासा आक्रोश है। हम चाहते हैं कि इस घोटाले की एसआईटी या सीबीआई से जांच कराई जाए।’’
सूबे के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि पटवारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली की गई और शीर्ष 10 चयनित उम्मीदवारों में से सात ने ग्वालियर के एक निजी महाविद्यालय में बनाए गए केंद्र में भर्ती परीक्षा दी थी।
कांग्रेस का दावा है कि यह महाविद्यालय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक द्वारा चलाया जा रहा है।
हालांकि, सत्तारूढ़ भाजपा ने इस भर्ती परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।
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