नयी दिल्ली, दो जून बीमा नियामक इरडा ने शुक्रवार को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एसआईएलआईसी) की लगभग दो लाख बीमा की देनदारी के साथ-साथ संपत्तियों का तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण करने का निर्देश दिया।
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए एक बैठक में यह निर्णय लिया।
इरडा ने बयान में कहा, “प्राधिकरण ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एसबीआई लाइफ) को सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस के जीवन बीमा व्यवसाय के अधिग्रहणकर्ता बीमाकर्ता के रूप में चिह्नित किया है। एसबीआई लाइफ संतोषजनक वित्तीय स्थिति के साथ देश के सबसे बड़े जीवन बीमाकर्ताओं में से एक है।”
बयान के अनुसार, “एसबीआई लाइफ बीमाधारकों की संपत्तियों द्वारा समर्थित एसआईएलआईसी के लगभग दो लाख बीमा की देनदारियों को तत्काल प्रभाव से अपने जिम्मे लेगा।”
बीमा नियामक ने कहा कि उसने सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस के सभी बीमाधारकों के लिए सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए हैं।
सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस को जीवन बीमा कारोबार चलाने के लिए 2004 में पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया गया था।
इरडा ने कहा कि बीमाकर्ता की वित्तीय योग्यता और प्रशासनिक पहलुओं पर कुछ गंभीर मुद्दों को देखते हुए उसने 2017 में बीमा व्यवसाय का प्रबंधन करने के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया था।
बीमाकर्ता को नए व्यवसाय को लेकर कोई निर्णय लेने की भी अनुमति नहीं थी। इसके बाद, नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बीमाकर्ता को आगे के निर्देश जारी किए गए।
इरडा ने कहा, “पर्याप्त अवसर और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय मिलने के बावजूद सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने और अपने बीमाधारकों के हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाने में विफल रही है।”
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