जरुरी जानकारी | भेदिया कारोबार मामले में किशोर बियाणी के खिलाफ सेबी का आदेश सैट ने निरस्त किया

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बुधवार को भेदिया कारोबार मामले में फ्यूचर रिटेल के चेयरपर्सन किशोर बियाणी और अन्य प्रवर्तकों को प्रतिभूति बाजार से एक साल के लिए प्रतिबंधित करने के सेबी के आदेश को रद्द कर दिया।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का आदेश निरस्त करते हुए कहा कि इकाइयों ने कारोबार अलग होने से संबंधित 'अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी' (यूपीएसआई) के आधार पर फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के शेयरों में लेनदेन नहीं किया क्योंकि ऐसी जानकारी कई मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से पहले से ही सार्वजनिक थी।

पीठासीन अधिकारी तरुण अग्रवाल और तकनीकी सदस्य मीरा स्वरूप की पीठ ने कहा, “हम संतुष्ट हैं कि कारोबार अलग होने से संबंधित जानकारी पहले से ही सार्वजनिक थी लिहाजा साक्षात्कार और समाचार रिपोर्टों के प्रकाशन के बाद शेयरों में अपीलकर्ताओं द्वारा किए गए व्यापार को अप्रकाशित संवेदनशील जानकारी रहते हुए व्यापार नहीं माना जा सकता है। इस तरह कारण बताओ नोटिस में लगाया गया आरोप नहीं टिकता है और पूर्णकालिक सदस्यों द्वारा दिए गए निष्कर्षों को बरकरार नहीं रखा जा सकता है। ऐसे में आदेश को निरस्त किया जाता है।”

सैट ने यह फैसला फरवरी, 2021 में सेबी द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाओं में किशोर बियाणी और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के कुछ अन्य प्रवर्तकों को कंपनी के शेयरों में भेदिया कारोबार में लिप्त रहने के आरोप में प्रतिभूति बाजार से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

नियामक ने किशोर बियाणी, अनिल बियाणी और फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा, उनसे गलत तरीके से अर्जित लाभ के एवज में 17.78 करोड़ रुपये वसूलने को भी कहा गया था।

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