चंडीगढ़, 10 जनवरी हरियाणा में सरपंच, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के प्रमुख अब अपने कोष या सरकार द्वारा उन्हें दी गई धन राशि की लागत वाली सभी विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे सकेंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
इस फैसले से पहले तक ऐसी सभी परियोजनाओं की फाइलें अंतिम मंजूरी के लिए सरकारी स्तर पर जाया करती थीं।
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ऐसी सभी विकास परियोजनाओं को तकनीकी मंजूरी देने के लिए कनिष्ठ अभियंता, उपसंभागीय अधिकारी (एसडीओ), एक्जेक्यूटिव इंजीनियर, सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारियों को नामित किया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे ‘बड़ा फैसला’ बताते हुए कहा कि इससे पंचायती राज संस्थाओं को और अधिकार प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में लगने वाले समय में बचत होगी और छोटे-छोटे काम जल्दी पूरे हो सकेंगे।
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