नयी दिल्ली, 20 सितंबर प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने युवा पाठकों को ध्यान में रखते हुए अपनी किताब ‘द ओशन ऑफ चर्न’ में हिंद महासागर क्षेत्र के इतिहास और भूगोल तथा सदियों से कायम इसकी महत्ता को रेखांकित किया है ।
किताब में ‘हिंद महासागर के अतुलनीय इतिहास’ पर रोशनी डालते हुए अफ्रीका, पश्चिम एशिया, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और ओशिआनिया से इसके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी है ।
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हिंद महासागर हजारों वर्षों से अफ्रीका के पूर्वी तट को ऑस्ट्रेलिया तक के लोगों से जोड़ता रहा है और आज भी इसकी अहमियत उसी प्रकार बनी हुई है ।
सान्याल ने कहा, ‘‘समुद्र का संदर्भ दिए बिना भारत के इतिहास और दुनिया से इसके जुड़ाव को समझना संभव नहीं है। असल में भारत ही ऐसा देश है जिसके नाम पर महासागर है।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘किताब के जरिए मेरा लक्ष्य यह रहा कि समुद्र के परिप्रेक्ष्य से भारत की कहानी सामने लायी जाए क्योंकि इसी तरह से हम अपने शहरों, अपनी संस्कृति और व्यापक तौर पर अपने लोगों को समझ सकते हैं।’’
निखिल गुलाटी ने किताब में रोचक जानकारी, तथ्यों, अनसुनी कहानियों और मानचित्रों का रेखांकन किया है ।
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