देश की खबरें | पीने, खाना पकाने के लिये भाजपा नेताओं के घर पहुंचाया जाए संगम का पानी : अखिलेश

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लखनऊ, 20 फरवरी समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने महाकुंभ में संगम के पानी की गुणवत्ता को लेकर केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों के बीच टकराव का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगर प्रदेश सरकार के दावे के अनुसार वहां का पानी स्वच्छ है तो पीने और खाना पकाने के लिये इसे भाजपा नेताओं के घरों में पहुंचाया जाए।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता को लेकर 'विरोध' करने पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार क्या यह कहेगी कि 'दिल्ली वाले' सनातनी नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ''आपने कुंभ में देखा कि उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का डेटा तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के डेटा में काफी अंतर है। दोनों इंजन (भाजपा की डबल इंजन सरकार) टकरा रहे हैं।''

उन्होंने कहा, ''दिल्ली (केंद्र सरकार) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश सरकार) में आखिर हो क्या रहा है? दिल्ली वालों के आंकड़े उत्तर प्रदेश वाले स्वीकार नहीं कर रहे हैं और यूपी वाले अपना नया डेटा दे रहे हैं।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, ''भाजपा के सभी नेताओं को सिंटेक्स की टंकी में संगम का पानी भर कर दिया जाए, ताकि वह इस पानी से भोजन तैयार करें, स्नान करें और समय आने पर दवा के रूप में सेवन करें। क्या भाजपा इसे स्वीकार करेगी?''

उन्होंने अपने विधायक कमाल अख्तर से मुखातिब होते हुए कहा, ''भाजपा अगर खाना पकाने, स्नान करने और पीने के लिये उस पानी को स्वीकार नहीं करेगी, तो कमाल अख्तर जी एक बोतल में यह पानी भर कर सदन (विधानसभा) में रख देना और (भाजपा नेताओं से) कहना कि इसे पीकर दिखाइए।''

यादव ने कहा, ''मुख्यमंत्री जी (योगी आदित्यनाथ) को पता ही नहीं है कि वह बैक्टीरिया आता कहां से है। वह बैक्टीरिया गंदगी से आता है। हमारे मुख्यमंत्री को बीओडी (जैविक ऑक्सीजन मांग) नहीं पता है।''

सपा प्रमुख का यह बयान केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक रिपोर्ट के हवाले से मीडिया में आई उन खबरों के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि प्रयागराज में संगम का पानी स्नान करने के लिए असुरक्षित है।

यादव ने भाजपा पर कुंभ मेले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा, ''इतिहास में पहली बार कुंभ का राजनीतिकरण किया गया। काफी संख्या में साधु—संत दुखी हैं क्योंकि सरकार को जो सेवा उनकी करनी चाहिए थी वह नहीं की गई। धर्म के काम में मुनाफा नहीं सोचा जाता है।''

सपा प्रमुख ने महाकुंभ में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने संबंधी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''धर्म का काम सेवा का है और कोई इसमें मुनाफा ढूंढ रहा है। सोचिए आप, इनके लिए धर्म कारोबार हो गया है और धर्म में पहली बार राजनीति हुई है। सम्राट हर्षवर्धन ने कुंभ का बड़े पैमाने पर आयोजन शुरू कराया, लेकिन उन्हीं की प्रतिमा को भाजपा ने हटवा दिया। भविष्य में अगर हमें उनकी प्रतिमा लगानी होगी तो हम कुंभ क्षेत्र में लगाएंगे।''

यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके लोग महाकुंभ पर अपना मालिकाना हक जताना चाहते हैं। भाजपा के लोगों ने इतना प्रचार किया कि मानो पहले कभी कुंभ का आयोजन होता ही नहीं था और जब से वे सत्ता में आए तभी से कुंभ का आयोजन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की जान चली गई और सरकार उनके आंकड़े नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने (सरकार) ने तो कहा था कि यह डिजिटल महाकुंभ होगा। आपके सीसीटीवी कैमरा कैसे बंद हो गए? उनकी रिकॉर्डिंग कहां है? जिस समय भगदड़ मची थी, आपके ड्रोन क्या कर रहे थे। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुंभ में नकली ड्रोन उड़ाए गए थे। जब और जांच होगी तो पता लगेगा कि इन्होंने कुंभ में क्या-क्या किया है।''

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