देश की खबरें | साइ ने अपने प्रशिक्षकों से साल में दो बार फिटनेस जांच कराने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए अपने सभी प्रशिक्षकों से साल में दो बार फिटनेस परीक्षण करवाने के निर्देश दिये हैं।
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए अपने सभी प्रशिक्षकों से साल में दो बार फिटनेस परीक्षण करवाने के निर्देश दिये हैं।
साइ ने प्रशिक्षकों से अपने फिटनेस परीक्षण के रिकार्ड की निजी फाइल तैयार करने को भी कहा है।
साइ ने बयान में कहा, ‘‘फिटनेस परीक्षण आयु से जुड़े फिटनेस प्रोटोकॉल के दिशानिर्देशों पर निर्धारित किया जाएगा जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को ‘फिट इंडिया डायलॉग’ के दौरान की थी और जो भारत में उम्र में जुड़ा पहला फिटनेस परीक्षण है। ’’
फिटनेस प्रोटोकॉल के तहत सभी प्रशिक्षकों को शारीरिक संरचना परीक्षण (बीएमआई), संतुलन परीक्षण – फ्लेमिंगो बैलेंस और वृक्षासन, मांसपेशियों की मजबूती से जुड़ा परीक्षण, नौकासन आदि के साथ 2.4 किमी पैदल चाल या दौड़ में भी शामिल होना होगा।
बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय खेल प्राधिकरण अपने प्रशिक्षकों के जरिये खिलाड़ियों के अभ्यास के लिये जिम्मेदार है। प्रशिक्षक मैदान पर सही प्रशिक्षण दे सकें इसके लिये उनकी फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण है। ’’
इसमें कहा गया है, ‘‘प्रशिक्षकों को फिटनेस का निश्चित स्तर बरकरार रखना होगा ताकि वे खिलाड़ियों के सामने उदाहरण पेश कर सकें। इसलिए प्रशिक्षकों को साल में दो बार प्रोटोकॉल के अनुसार शारीरिक फिटनेस परीक्षण कराने की सलाह दी गयी है। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)