विदेश की खबरें | ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने के और करीब पहुंचे

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

(आदिति खन्ना)

लंदन, 24 अक्टूबर ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद के लिए पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा दावेदारी से इनकार किए जाने के बाद भारतीय मूल के नेता ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व पर काबिज होने की संभावना सोमवार को और प्रबल हो गई।

पूर्व प्रधानमंत्री ने रविवार रात को यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग कर लिया कि वापसी (प्रधानमंत्री पद पर) के लिए ‘‘यह सही समय नहीं है।’’ इससे सुनक (42)के लिए दिवाली पर जीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

पूर्व चांसलर ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए कहा था कि वह ‘‘देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने, अपनी पार्टी को एकजुट करने और देश के लिए काम करना चाहते हैं।’’ उन्होंने पद की दावेदारी के लिए तय अंतिम समयसीमा सोमवार स्थानीय समयानुसार दो बजे तक 100 से अधिक सांसदों का समर्थन प्राप्त कर प्रतिस्पर्धा में एक ठोस बढ़त हासिल कर ली।

कंजर्वेटिव पार्टी के कई चर्चित सांसदों ने जॉनसन के खेमे को छोड़ते हुए सुनक का समर्थन किया है जिनमें पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल, कैबिनेट मंत्री जेम्स क्लेवर्ली और नदीम जहावी शामिल हैं।

पटेल भारतीय मूल की पूर्व ब्रिटिश मंत्री हैं जिन्होंने पिछले महीने लिज ट्रस के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि कंजर्वेटिव पार्टी को सुनक को नेतृत्व करने का मौका देना चाहिए।

पटेल ने सुनक को तब समर्थन दिया है जब पार्टी के आधे से अधिक सांसदों ने सार्वजनिक रूप से उन्हें समर्थन दिया है। इससे देश को पहला गैर-श्वेत प्रधानमंत्री मिलना तय प्रतीत हो रहा है।

प्रधानमंत्री पद की दौड़ में एकमात्र प्रतिस्पर्धी ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ की नेता पेनी मोर्डंट 100 सांसदों के लक्ष्य को पार करने से दूर हैं। इससे पूर्व वित्त मंत्री को सोमवार शाम को नया नेता घोषित करने की संभावना बन रही है।

अगर, सुनक और मोर्डंट दोनों अंतिम सूची में जगह बनाते हैं, तो वे 1,70,000 कंजर्वेटिव सदस्यों के ऑनलाइन मतदान की दिशा में आगे बढ़ेंगे और शुक्रवार को नतीजे आएंगे।

अगर, सुनक की जीत होती है कि यह बड़ी राजनीतिक उलटफेर होगी क्योंकि पिछले महीने ही उन्हें पार्टी नेतृत्व को लेकर हुए चुनाव में लिज ट्रस से हार का सामना करना पड़ा था। सुनक की साथियों के बीच लोकप्रियता पार्टी सदस्यों के मतदान में प्रतिबिंबित नहीं हुई थी।

ट्रस ने पार्टी में अपने नेतृत्व के खिलाफ खुले विद्रोह के बाद सिर्फ 45 दिनों के बाद बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी थी।

नवीनतम प्रचार अभियान में सुनक ने कहा, ‘‘मैं समस्याओं से निपटने के लिए आपसे एक अवसर मांग रहा हूं।’’ सुनक ने विरासत में मिलने वाले आर्थिक संकट का संदर्भ देते हुए कहा कि वह पिछले सप्ताह ट्रस द्वारा घोषित ‘विनाशकारी’ कर कटौती वाले बजट का अनुपालन कर सफल नहीं हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन महान देश है लेकिन बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है और इसलिए मैं पार्टी का नेता और आपका अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए मैदान में हूं।’’

सुनक ने सरकार के स्तर पर ‘‘ ईमानदारी रखने, पेशेवर रवैया अपनाने और जवाबदेह रहने का वादा किया।’’ उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए वह दिन-रात काम करेंगे।

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