शिअद ने पंजाब की कांग्रेस सरकार से बिजली बिल के भुगतान पर चार महीने के स्थगन की मांग की
पूर्व मंत्री और शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने एक बयान में कहा कि घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को समय सीमा और जुर्माने के साथ बिजली का बिल जारी करना स्तब्धकारी और कांग्रेस सरकार का असंवेदनशील कदम है।
चंडीगढ़, 13 मई शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण गरीबों और मध्यम वर्ग के समक्ष उत्पन्न गंभीर वित्तीय तनाव के वक्त जुर्माने के साथ बिजली के बिल कथित रूप से जारी करने को लेकर बुधवार को पंजाब सरकार पर निशाना साधा।
पूर्व मंत्री और शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने एक बयान में कहा कि घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को समय सीमा और जुर्माने के साथ बिजली का बिल जारी करना स्तब्धकारी और कांग्रेस सरकार का असंवेदनशील कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार आम आदमी को तत्काल बिजली बिल भरने के लिए विवश कर उसके साथ क्रूरता कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिअद सभी बिजली बिलों पर चार महीने के स्थगन और बाद में चरणबद्ध तरीके से वसूली और उस दौरान बिलों की राशि को आधा कर देने की मांग करता है।
चीमा ने कहा उनकी पार्टी औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्थायी शुल्क हटाने की भी मांग करती है ।
उन्होंने कहा कि कई लोग बहुत दुश्वारियों से गुजर रहे हैं और वह, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से जनहित में इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ उनमें कई तो बेरोजगार हो जाने के बाद अपने परिवारों को खिलाने में भी समर्थ नहीं हैं। ऐसे में कोई ऐसा उपाय नहीं है कि वे इस वक्त, उन्हें प्राप्त बिजली के बढ़े हुए बिल का भुगतान कर पायें।’’
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