विदेश की खबरें | रूस ने यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन किया : यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यूक्रेन पर 2022 से जारी रूस के हमलों के बीच पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मॉस्को को मानवाधिकारों के हनन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
यूक्रेन पर 2022 से जारी रूस के हमलों के बीच पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मॉस्को को मानवाधिकारों के हनन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
यह भी पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने 2014 की विमान त्रासदी के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें 298 लोगों की जान चली गई थी।
स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय के न्यायाधीश यूक्रेन और नीदरलैंड द्वारा रूस के विरुद्ध लाए गए चार मामलों पर फैसला सुना रहे हैं, जिनमें युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक हुए हमलों के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामले, मलेशिया एयरलाइन की उड़ान संख्या एमएच17 को मार गिराना और यूक्रेनी बच्चों का अपहरण शामिल है।
ये फैसले काफी हद तक प्रतीकात्मक होंगे। ये शिकायतें अदालत के शासी निकाय के समक्ष लाई गईं, जिसने 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस को निष्कासित कर दिया था।
‘एमएच17’ विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार इस फैसले को ‘‘न्याय की खोज’’ में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं।
इस त्रासदी में अपने 18 वर्षीय बेटे क्विन को खोने वाले थॉमस शैंसमैन ने कहा, ‘‘अदालत का फैसला यह समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि वास्तव में (विमान दुर्घटना के लिए) कौन जिम्मेदार था।’’
सत्रह जुलाई, 2014 को एम्स्टर्डम से कुआलालंपुर जा रहे बोइंग 777 विमान को रूस निर्मित बक मिसाइल से मार गिराया गया था, जिसे पूर्वी यूक्रेन के अलगाववादी विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र से दागा गया था। विमान में सवार सभी 298 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए, जिनमें नीदरलैंड के 196 नागरिक भी शामिल थे।
मई में, संयुक्त राष्ट्र की विमानन एजेंसी ने इस दुर्घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया था।
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