विदेश की खबरें | पूर्वी यूक्रेन में दूसरे शहर की घेराबंदी के लिये रूस ने झोंकी ताकत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इतना ही नहीं रूसी सेना की तरफ से पूर्वी क्षेत्र में लड़ाई के केंद्र से काफी दूर के इलाकों में भी मिसाइल से हमले किए गए।
इतना ही नहीं रूसी सेना की तरफ से पूर्वी क्षेत्र में लड़ाई के केंद्र से काफी दूर के इलाकों में भी मिसाइल से हमले किए गए।
लुहांस्क क्षेत्र के गवर्नर सेरही हैदई ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर कहा कि रूसी सेना दक्षिण की तरफ से लिसीचांस्क शहर की घेराबंदी की कोशिश कर रही है।
यह शहर लुहान्स्क क्षेत्र के प्रशासनिक केंद्र सिविएरोडोनेट्स्क शहर के पास स्थित है जिसे लगातार रूसी हमलों का सामना करना पड़ा और हफ्तों से यहां दोनों पक्षों के बीच छापेमार युद्ध भी जारी है।
हैदई ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेनी सेना ने सिविएरोडोनेट्सक से पीछे हटना शुरू कर दिया है। सैन्य विश्लेषक ओलेग जदानोव ने कहा कि कुछ सैनिक लिसीचांस्क की ओर बढ़ रहे थे लेकिन उस शहर को अलग-थलग करने के रूसी कदमों से पीछे हटने वाले सैनिकों को ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
सिविएरोदोनेत्स्क शहर पर रूसी सेना की भीषण बमबारी के कारण औद्योगिक शहर के अधिकतर इलाके तबाह हो चुके हैं। रूसी हमले से पहले शहर की आबादी करीब 10 लाख थी, जो अब घटकर मात्र 10 हजार रह गयी है। बड़ी संख्या में लोग शहर से पलायन कर चुके हैं।
लगभग 500 नागरिकों के साथ, कुछ यूक्रेनी सैनिक शहर के किनारे पर विशाल एज़ोट रासायनिक कारखाने में छिपे हुए हैं।
सिविएरोडोनेट्स्क और लिसीचांस्क रूसी आक्रमण का केंद्र बिंदु रहे हैं, जिसका उद्देश्य पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र पर कब्जा करना और उसकी रक्षा कर रही यूक्रेनी बलों को नष्ट करना है, जो देश के सशस्त्र बलों का सबसे सक्षम और युद्धकुशल वर्ग है।
रूसी सेना लुहान्स्क प्रांत के लगभग 95 प्रतिशत और पड़ोसी डोनेट्स्क प्रांत के लगभग आधे हिस्से को नियंत्रित करती है। ये दो क्षेत्र मिलकर डोनबास बनाते हैं।
ल्वीव के क्षेत्रीय गवर्नर मैक्सिम कोजित्स्की ने कहा कि पश्चिम में लगभग 1,000 किलोमीटर दूर चार रूसी रॉकेटों ने यारोविव में एक “सैन्य लक्ष्य” पर निशाना साधा। उन्होंने लक्ष्य के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी, लेकिन यारोविव के पास एक बड़ा सैन्य अड्डा है जिसका उपयोग सैनिकों के प्रशिक्षण सेनानियों के लिए किया जाता है, जिसमें यूक्रेन के लिये स्वेच्छा से जंग लड़ने के इच्छुक विदेशी भी शामिल हैं। उस अड्डे पर मार्च में रूसी रॉकेटों द्वारा हमला किया गया था, जिसमें 35 लोग मारे गए थे।
एपी
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2022 04:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

