विदेश की खबरें | रूस, यूक्रेन ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र पर हमले की तैयारी करने के एक-दूसरे पर लगाये आरोप
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह परमाणु संयंत्र दक्षिण पूर्व यूक्रेन में है और इस पर रूसी सैनिकों का कब्जा है।

जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र उस वक्त से चर्चा के केंद्र में रहा है, जब रूसी सैनिकों ने यूक्रेन पर आक्रमण के शुरुआती दौर में ही इस पर कब्जा कर लिया था।

पिछले एक साल में, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने 1986 की चेर्नोबिल घटना की तरह संयंत्र से विकिरण की बार-बात आशंका जताई है।

रूस और यूक्रेन, संयंत्र के आसपास गोलाबारी किये जाने का एक-दूसरे पर नियमित रूप से आरोप लगाते रहे हैं। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि जापोरिज्जिया क्षेत्र के चारों ओर हाल में जारी कीव के पलटवार को कमजोर करने की कोशिश के तहत रूस जानबूझकर संयंत्र से विकिरण लीक करेगा।

हालिया खुफिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर जेलेंस्की ने मंगलवार रात आरोप लगाया कि रूसी सैनिकों ने हमले के लिए कई विद्युत इकाइयों के शीर्ष पर विस्फोटक जैसी वस्तुएं रखी हैं।

यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के एक बयान के अनुसार, ये वस्तुएं संयंत्र की तीसरी और चौथी विद्युत इकाइयों के शीर्ष पर रखी गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने अपने अधिकारियों को रूसी कब्जे वाले संयंत्र में तैनात किया है, जिसका संचालन अब भी यूक्रेनी कर्मचारी कर रहे हैं।

आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि उनकी एजेंसी के संयंत्र के हालिया निरीक्षण में कोई आपत्तिजनक गतिविधि नहीं पाई गई, लेकिन हम अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं।’’

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने मास्को में संयंत्र के बारे में एक संवाददाता द्वारा पूछे जाने पर कहा, ‘‘स्थिति तनावपूर्ण है। कीव शासन द्वारा गड़बड़ी करने का एक बड़ा खतरा है, जिसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि क्रेमलिन कथित यूक्रेनी खतरे का मुकाबला करने के लिए हर उपाय कर रहा है।

ग्रॉसी ने कहा कि वह यूक्रेन और रूस, दोनों के दावों से अवगत हैं और एक बार फिर से कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर कभी भी, किसी भी परिस्थिति में हमला नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘परमाणु ऊर्जा संयंत्र का इस्तेमाल सैन्य अड्डे के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।’’

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