जरुरी जानकारी | डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे टूटकर 85.44 प्रति डॉलर पर बंद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुरूआती बढ़त को गंवाते हुए कारोबार के अंत में 14 पैसे टूटकर 85.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। शुल्क युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से दुनिया भर के बाजारों में गिरावट के साथ रुपया नीचे आया।
मुंबई, चार अप्रैल अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुरूआती बढ़त को गंवाते हुए कारोबार के अंत में 14 पैसे टूटकर 85.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। शुल्क युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से दुनिया भर के बाजारों में गिरावट के साथ रुपया नीचे आया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट के कारण घरेलू मुद्रा में शुरुआत में तेजी आई, लेकिन बाद में शेयर बाजार की कमजोर धारणा और अनिश्चित वृहद वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी के कारण बाजार का रुख पलट गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.07 के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान ऊंचे में 84.96 पर गया और नीचे में 85.44 पर आया। कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 14 पैसे की गिरावट है।
बृहस्पतिवार को रुपया 22 पैसे की बढ़त के साथ 85.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत एवं चीन समेत लगभग 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने के बाद डॉलर अपनी प्रमुख मुद्राओं की तुलना में कमजोर हुआ है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि व्यापार शुल्क संबंधी चिंताओं और एफआईआई की पूंजी निकासी के बीच वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने के कारण रुपये में नकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.64 पर रहा। पीएमआई सेवा के कमजोर आंकड़े और व्यापार शुल्क को लेकर चिंता के कारण अमेरिका में आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.84 प्रतिशत गिरकर 69.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चा तेल ट्रंप के शुल्क और तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक और सहयोगी देशों (ओपेके प्लस) के उत्पादन बढ़ाने के फैसले के दोहरे झटके से प्रभावित हुआ।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 930.67 अंक की गिरावट के साथ 75,364.69 अंक पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 345.65 अंक की गिरावट के साथ 22,904.45 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,483.98 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 10:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

