एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | रुपया तीन पैसे की बढ़त के साथ 85.33 प्रति डॉलर पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. व्यापार शुल्क तनाव कम होने के बीच जोखिमपूर्ण संपत्तियों के लिए बढ़ती मांग के कारण अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये का आरंभिक लाभ काफी हद तक लुप्त हो गया और यह तीन पैसे की तेजी दर्शाता 85.33 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।

जरुरी जानकारी | रुपया तीन पैसे की बढ़त के साथ 85.33 प्रति डॉलर पर

मुंबई, 13 मई व्यापार शुल्क तनाव कम होने के बीच जोखिमपूर्ण संपत्तियों के लिए बढ़ती मांग के कारण अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये का आरंभिक लाभ काफी हद तक लुप्त हो गया और यह तीन पैसे की तेजी दर्शाता 85.33 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।

हालांकि, कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मजबूत डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली से रुपये का लाभ सीमित रहा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में रुपया 84.70 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 84.62 के दिन के उच्चतम स्तर और 85.48 के निम्नतम स्तर के बीच घूमता रहा। कारोबार के अंत में रुपया 85.33 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह पिछले बंद स्तर से तीन पैसे की तेजी है।

शुक्रवार को, रुपये ने अपने शुरुआती नुकसान को कम कर दिया और डॉलर के मुकाबले कारोबार के अंत में 22 पैसे बढ़कर 85.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा।

अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि वे अपने हाल के अधिकांश शुल्क को वापस लेने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं।

मिराय एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बीच रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार शुल्क को लेकर तनाव कम होने के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी है।’’

भारत और पाकिस्तान ने पिछले शनिवार को भूमि, वायु और समुद्र पर सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए एक सहमति पर पहुंचने की घोषणा की।

चौधरी ने आगे कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू बाजारों में गिरावट से रुपये पर दबाव पड़ सकता है। एफआईआई के किसी भी तरह के धन निकासी से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है। व्यापारी अमेरिका से सीपीआई मुद्रास्फीति के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 85 से 86 के बीच रहने की उम्मीद है।

विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.58 पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.42 प्रतिशत बढ़कर 65.23 डॉलर प्रति बैरल हो गया। विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले कुछ सत्रों में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

घरेलू शेयर बाजार में, 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,281.68 अंक गिरकर 81,148.22 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 346.35 अंक के नुकसान के साथ 24,578.35 अंक पर रहा।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने सोमवार को शुद्ध आधार पर 1,246.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2025 07:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).