देश की खबरें | रघुवंश की चिट्ठी को लेकर सत्तापक्ष, विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजद के पूर्व कद्दावर दिवंगत नेता रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा लिखी गई चिट्ठी को लेकर बिहार में राजनीति गरमाती जा रही है और इसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पटना, 14 सितंबर राजद के पूर्व कद्दावर दिवंगत नेता रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा लिखी गई चिट्ठी को लेकर बिहार में राजनीति गरमाती जा रही है और इसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

राजद के साथ महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने दावा किया है कि रघुवंश बाबू से जबरन चिट्ठी लिखवाई गई थी।

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उन्होंने कहा कि वे रघुवंश बाबू को लंबे वक्त से जानते हैं, वो जहां थे काफी मजबूती से थे और उस वक्त भी नरेंद्र मोदी सरकार और नीतीश कुमार की 'बुराई' कर रहे थे।

राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि वे रघुवंश बाबू से एक सप्ताह पहले मिले थे, लेकिन उस वक्त भी ऐसी कोई बात नहीं थी। रघुवंश बाबू उस समय भी लालू प्रसाद की ही तरफदारी कर रहे थे।

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उन्होंने दावा किया कि यह चिट्ठी जबरन लिखवाई गई है।

अखिलेश ने कहा कि रघुवंश बाबू अपनी लड़ाई पार्टी में रहकर लड़ते थे, ऐसे में इस प्रकरण की घोर निंदा होनी चाहिए।

वहीं, राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)में शामिल भाजपा, जदयू और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के कुछ नेताओं की तरफ से रघुवंश प्रसाद सिंह के साथ राजद के रवैए पर सवाल उठाये जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारे रघुवंश बाबू का अभी दाह-संस्कार तक नहीं हुआ है, ऐसे में कौन हैं ये लोग। ये इंसान हैं या इंसान के वेश में कुछ और हैं?

मनोज ने कहा कि ऐसी बातें करने वाले लोग लालू जी (लालू प्रसाद यादव) का ख़त पढ़ लें, इस रिश्ते की बुनियाद ख़ून-पसीने से है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता ने कहा कि उनलोगों में संवेदना ही नहीं है कि किसी का आदर करें।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि रघुवंश सिंह के पत्र में सरकार ने साजिश की। कोई भी व्यक्ति आईसीयू से पत्र नहीं लिख सकता है।

राजद विधान पार्षद (एमएलसी) सुबोध राय ने पूछा कि भला आईसीयू में भर्ती इंसान चिट्ठी कैसे लिख सकता है।

सुबोध ने कहा कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद रघुवंश बाबु से मेरी मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि राजद छोड़ने का सवाल ही नहीं है, बावजूद इसके ऐसी चिट्ठी पर सवाल खड़ा होता है। सरकार चिट्ठी पर सियासत कर रही है।

महागठबंधन के नेताओं के इन आरोपों पर राजग के नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने लालू प्रसाद यादव के बडे़ पुत्र तेजप्रताप यादव की रघुवंश प्रसाद सिंह को लेकर पूर्व में की गयी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि जिंदा रहते उनको लोटा भर पानी बताया और आज उनके जैसे विद्वान व्यक्ति की लेखनी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। रघूवंश बाबू की आह से राजद बर्बाद हो जाएगा।

बिहार सरकार के मंत्री और जदयू नेता नीरज कुमार ने भी राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे बयान देते हुए भी राजद के नेताओं को शर्म आनी चाहिये। राजद नेताओं ने जीते जी उनका ख्याल नहीं रखा। अब उनके निधन के बाद ऐसे सवाल उठाकर और छोटा कर रहे हैं।

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