देश की खबरें | कर्नाटक विधानसभा में बीएमएसईटी मुद्दे को लेकर हंगामा, कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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बेंगलुरु, 23 सितंबर कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री सी. एन. अश्वथ नारायण को हटाने और बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट (बीएमएसईटी) मुद्दे की जांच की मांग को लेकर जनता दल (सेक्युलर) के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बााधित हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने बाद में सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री के खिलाफ आरोपों को राजनीति से प्रेरित और झूठा बताते हुए मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जिससे गतिरोध जारी रहा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गतिरोध और व्यवधान एक ‘‘साजिश’’ का हिस्सा थे, क्योंकि एक ठेकेदार संघ द्वारा सार्वजनिक कार्यों में 40 प्रतिशत कमीशन (रिश्वत) के आरोपों को लेकर पार्टी चर्चा कराना चाहती थी और इस चर्चा से बचने के लिए गतिरोध उत्पन्न किया गया।
जद (एस) नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में मंत्री नारायण पर अरबपति पी दयानंद पई को बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट (बीएमएसईटी) के ‘लाइफ ट्रस्टी’ के रूप में नियुक्त करने की अनुमति देने वाली फाइल को मंजूरी देने का आरोप लगाया था।
नारायण ने कुमारस्वामी के आरोपों को खारिज कर दिया है और किसी भी जांच से इनकार किया है।
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जद (एस) के सदस्य नारायण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए और ‘‘न्याय’’ की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट आ गए।
कुमारस्वामी ने कहा कि उनके द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है और यह साबित करता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी में कैसे विफल रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री ने सबूतों के साथ उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से जवाब मांगती है।
जद (एस) के वरिष्ठ नेता एच. डी. रेवन्ना ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है।
अध्यक्ष कागेरी ने कहा कि सरकार ने अपना रुख बहुत स्पष्ट कर दिया है और उन्होंने कुमारस्वामी से सदन को अपने अंतिम दिन चलने देने का अनुरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को सदन के बाहर जनता के सामने उठा सकती है।
कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने कहा कि वह राज्य ठेकेदार संघ द्वारा 40 प्रतिशत कमीशन के आरोप संबंधी मुद्दे को उठाना चाहते थे लेकिन हंगामे के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाये जाने की मांग की ताकि सोमवार को वह इस मुद्दे को उठा सकें।
हालांकि, कानून एवं विधायी कामकाज मामलों के मंत्री जे. सी. मधुस्वामी ने सत्र की अवधि बढ़ाने से इनकार किया और कहा कि दशहरा उत्सव शुरू होना है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज होने के बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
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