नयी दिल्ली, 28 जुलाई राम जन्मभूमि आंदोलन के घटनाक्रम को बयां करने वाली एक पुस्तक का यहां एक अगस्त को विहिप के कार्यकारी प्रमुख आलोक कुमार के साथ आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबले विमोचन करेंगे।
अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का भूमि पूजन समारोह पांच अगस्त को होने का कार्यक्रम है।
यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की संचार शाखा आईवएसके के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण आनंद ने लिखी है। इसके सह-लेखक विनय नलवा हैं, जो दिल्ली स्थित थिंक टैंक विचार विनिमय केंद्र के सीनियर फेलो हैं।
आनंद ने दावा किया कि यह अपनी तरह की पहली पुस्तक है जिसमें भगवान राम के जन्म से लेकर राम मंदिर निर्माण के लिये न्यास के गठन तक का पूरा इतिहास है।
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आनंद ने कहा, ‘‘यह राम मंदिर के निर्माण के लिये 500 वर्षों की संघर्ष गाथा है। इसमें भूमि रिकार्ड और 1528 से लेकर कई विदेशी यात्रियों के विवरण भी शामिल किये गये हैं। ये सभी तथ्य इस ओर संकेत करते हैं कि 1528 में बाबर की सेना ने राम मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।’’
उन्होंने कहा कि पुस्तक का प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन ने किया है और इसका विमोचनन आरएसएस के संयुक्त महासचिव होसबले और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी प्रमुख आलोक कुमार करेंगे।
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